जरूरी वस्तुओं की कीमतों में असामान्य उतार-चढ़ाव नहीं, स्थिति पर नजरः सरकार

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जरूरी वस्तुओं की कीमतों में असामान्य उतार-चढ़ाव नहीं, स्थिति पर नजरः सरकार

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 04:24 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 04:24 PM IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि जरूरी वस्तुओं की कीमतों में फिलहाल कोई ‘असामान्य उतार-चढ़ाव’ नहीं देखा गया है और देशभर के थोक एवं खुदरा बाजारों में कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सरकार ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। राज्यों को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।

उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग रोजाना 528 केंद्रों से 40 वस्तुओं के दाम के बारे में सूचना जुटाता है और इन्हें एक मोबाइल ऐप पर अद्यतन किया जाता है।

मिश्रा ने कहा, “अब तक आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कोई असामान्य उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है।”

उन्होंने कहा कि कीमतों पर नजर रखने के साथ जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने और जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश के भीतर गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। दालों के बारे में मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष उत्पादन पिछले साल से अधिक रहने का अनुमान है और सरकार के पास करीब 28 लाख टन का बफर स्टॉक है। तुअर (अरहर) और उड़द के आयात को मार्च, 2027 तक ‘मुक्त श्रेणी’ में रखा गया है।

प्याज, आलू और टमाटर के संबंध में उन्होंने कहा कि इनकी पैदावार पिछले साल के लगभग बराबर है और आपूर्ति पक्ष में कोई बाधा नहीं है।

सरकार ने प्याज का बफर स्टॉक बनाने के लिए खरीद भी शुरू कर दी है जिससे कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा), 1955 के तहत राज्यों के पास जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने के अधिकार हैं और केंद्र सरकार इस संबंध में लगातार राज्यों के संपर्क में है। शिकायतों की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।

इस मौके पर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा ने कहा कि सरकार के पास मौजूद गेहूं और चावल का बफर स्टॉक निर्धारित मानकों से लगभग तीन गुना है।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में लगभग 222 लाख टन गेहूं और 380 लाख टन चावल का भंडार उपलब्ध है, जो पीडीएस और आकस्मिक जरूरतों के लिए पर्याप्त है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से गेहूं और चावल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। खाद्य तेल की घरेलू उपलब्धता भी वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद संतोषजनक बनी हुई है और इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना एवं ब्राजील से इनका आयात जारी है।

शिखा ने कहा, ‘‘सरकार खाद्य तेल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेगी और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करेगी। इसके साथ चीनी के खुदरा दाम भी स्थिर बने हुए हैं।’’

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय