हरदोई (उप्र), छह अप्रैल (भाषा) वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक गांव में एक युवा उद्यमी ने बायोगैस का ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो प्रतिदिन करीब 2.4 टन संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) का उत्पादन कर रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, गाय के गोबर, गन्ने की खोई और फसल अवशेषों से तैयार यह गैस वाहनों में सीएनजी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रही है। साथ ही इसे घरेलू उपयोग के लिए पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है।
ब्रिटेन से एमबीए करने वाले 29 वर्षीय आदि उपेन्द्र तिवारी ने हरदोई के भैलामऊ गांव के पास यह ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है। उनकी इस पहल से प्रतिदिन 2.4 टन सीबीजी का उत्पादन हो रहा है, जो स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तिवारी ने बताया कि निकट भविष्य में संयंत्र की क्षमता बढ़ाकर 12 टन प्रतिदिन करने की योजना है।
उपायुक्त (उद्योग) हर्ष प्रताप सिंह ने कहा कि यह इकाई वर्तमान में 2.4 टन सीबीजी का उत्पादन कर रही है, जिसका उपयोग सीएनजी के विकल्प के रूप में किया जा रहा है और इसे पीएनजी के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
भाषा सं जफर धीरज अजय योगेश
अजय