प्रस्तावित एनबीएफसी नियमों को लेकर अधिक चिंतित नहीं: टाटा कैपिटल सीईओ

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प्रस्तावित एनबीएफसी नियमों को लेकर अधिक चिंतित नहीं: टाटा कैपिटल सीईओ

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 07:47 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 07:47 PM IST

मुंबई, 11 अगस्त (भाषा) गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) टाटा कैपिटल के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि कंपनी का ‘रिवॉल्विंग क्रेडिट’ जोखिम पांच प्रतिशत से भी कम है और कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को मसौदा नियमों पर अपनी प्रतिक्रिया सौंपेगी।

केंद्रीय बैंक ने छह अगस्त को प्रस्ताव दिया था कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को ऐसे ऋण उत्पाद पेश करने चाहिए जो सावधि ऋण जैसे हों और उन्हें कोई भी रिवॉल्विंग क्रेडिट उत्पाद पेश नहीं करना चाहिए।

रिवॉल्विंग क्रेडिट एक ऋण व्यवस्था है, जहां उधारकर्ता बार-बार पैसे निकाल सकता है, उसे चुका सकता है, और एक निर्धारित अधिकतम सीमा तक फिर से उधार ले सकता है। इसके आम उदाहरणों में क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत साख सीमा शामिल हैं।

रिवॉल्विंग क्रेडिट जोखिम पर टाटा कैपिटल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव सभरवाल ने कहा, ”यह पांच प्रतिशत से नीचे होगा। यह कम रहेगा। यह कोई बड़ा प्रतिशत नहीं है। यह सिर्फ एक व्यापक उत्पाद श्रृंखला के बारे में है, और कुछ नहीं।”

उन्होंने यहां एक सम्मेलन के मौके पर पत्रकारों से कहा कि टाटा कैपिटल रिवॉल्विंग क्रेडिट को विनियमित करने वाले मसौदा नियमों पर नियामक (आरबीआई) को अपनी प्रतिक्रिया सौंपेगी।

सभरवाल ने आगे कहा कि प्रस्तावित नियमों के अंतिम प्रभाव का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा, ”नियामक ने प्रतिक्रिया मांगी है, हम जमा करेंगे।” उन्होंने आगे जोड़ा कि कंपनी अपनी प्रतिक्रिया के लिए अभी आंकड़े जमा कर रही है। यह पूछने पर कि क्या मसौदे में विशेष रूप से चिंता की कोई बात है, सभरवाल ने कहा कि इस चरण में चिंतित होने के लिए कुछ खास नहीं है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय