भुवनेश्वर, दो जुलाई (भाषा) ओडिशा सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अदाणी समूह के साथ 1.10 लाख करोड़ रुपये की एकीकृत एल्युमीनियम परियोजना स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए।
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना ओडिशा के इतिहास में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और भारत के धातुकर्म क्षेत्र में सबसे बड़ा एफडीआई प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) तथा इंडस्ट्रियल प्रमोशन एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ ओडिशा (आईपीआईसीओएल) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और आईएचसी समूह की कंपनी इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग (आईआरएच) ओडिशा में इस एकीकृत नई एल्युमीनियम परियोजना के विकास के लिए 50:50 के संयुक्त उद्यम (जेवी) का गठन करेंगे।
अदाणी समूह के बयान के अनुसार, परियोजना में निवेश के लिए दोनों साझेदार ऋण और इक्विटी के माध्यम से पूंजी जुटाएंगे।
परियोजना में प्रतिवर्ष 40 लाख टन क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन क्षमता वाला एल्युमीनियम स्मेल्टर, 4,000 मेगावाट का खुद के इस्तेमाल वाला बिजली संयंत्र, 10 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम विनिर्माण पार्क और इससे जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल होगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 53,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह परियोजना ओडिशा में औद्योगिक विकास, रोजगार और आर्थिक परिवर्तन के लिए अभूतपूर्व अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह निवेश ओडिशा को खनन व रिफाइनिंग से लेकर स्मेल्टिंग तथा डाउनस्ट्रीम विनिर्माण तक संपूर्ण एल्युमीनियम मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सक्षम बनाएगा।’’
इस अवसर पर आईएचसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सैयद बसर शुएब ने कहा, ‘‘आईआरएच के माध्यम से हम एकीकृत खनन एवं खनिज कारोबार विकसित कर रहे हैं। हम महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश कर औद्योगिक विकास को समर्थन देने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने और स्वच्छ ऊर्जा बदलाव को गति देने की दिशा में काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ अदाणी एंटरप्राइजेज के साथ यह साझेदारी हमारी इसी रणनीति और विश्वस्तरीय एकीकृत एल्युमीनियम परियोजना विकसित करने की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है, जो दीर्घकालिक आर्थिक मूल्य सृजित करेगी।’’
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन (एपीएसईज़ेड) के प्रबंध निदेशक एवं अदाणी सीमेंट के निदेशक करण अदाणी ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना ओडिशा को दीर्घकालिक विनिर्माण केंद्र के रूप में लेकर कंपनी के भरोसे को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ अदाणी समूह और आईएचसी समूह के बीच प्रस्तावित संयुक्त उद्यम हमारी मजबूत साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा। ओडिशा सरकार के साथ मिलकर हम ऐसा एकीकृत एल्युमीनियम परिवेश विकसित करेंगे जो रोजगार सृजित करेगा, मूल्यवर्धित विनिर्माण का विस्तार करेगा और भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूत बनाएगा।’’
भाषा निहारिका अजय
अजय