सस्ते आयात के बढ़ने और बेपरता कारोबार की वजह से तेल तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख

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सस्ते आयात के बढ़ने और बेपरता कारोबार की वजह से तेल तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख

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  • Publish Date - September 9, 2020 / 11:35 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:16 PM IST

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) देश में बढ़ते सस्ते आयात तथा देश के कुछ आयातकों के बेपरता कारोबार करने से स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को तेल तिलहन कीमतों पर भारी दबाव रहा और लगभग सभी तेल तिलहनों की कीमतें गिरावट दशार्ती बंद हुईं।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज में यथास्थिति थी जबकि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट थी। मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के कारण कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल कीमतों में क्रमश: 50 – 50 रुपये की हानि दर्ज हुई और इनके भाव क्रमश: 7,600-7,650 रुपये, 9,100 रुपये और 8,350 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

उन्होंने बताया कि हाजिर बाजार में सोयाबीन और मूंगफली के भाव बेपरता कारोबार के कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम चल रहे हैं। बेपरता कारोबार से सोयाबीन डीगम का भाव आयात के मुकाबले लगभग 300 रुपये क्विन्टल नीचे है जबकि सोयाबीन डीगम के मामले में आयात भाव 8,630 रुपये बैठता है जबकि इसका बाजार भाव 8,320 रुपये क्विन्टल है। इसी प्रकार आयात करने में पाम तेल का भाव 7,850 रुपये प्रति क्विन्टल बैठता है जबकि बाजार भाव 7,640 रुपये क्विन्टल है। उन्होंने कहा कि बेपरता कारोबार से देशी तेलों सहित बाकी सभी खाद्यतेलों के भाव पस्त हैं और सरकार को इस स्थिति को संभालने के लिए कदम उठाने होंगे।

सूत्रों ने कहा कि सरकार को सरसों का आरक्षित भंडार बनाने के बारे में पहल करना चाहिये क्योंकि इस तेल का कोई विकल्प नहीं है और हरी सब्जियों के मौसम में इसकी खपत बढ़ जाती है। आगामी त्यौहारों के मौसम और अगली फसल आने में सात आठ महीने की देर को देखते हुए इसका आरंक्षित भंडार (कम से कम 10-12 लाख टन का) हमें वक्त जरुरत काफी मदद करेगा और किसानों को भी फायदा होगा। ‘लाकडाऊन’ के दिनों में देश में सरसों विशेषकर पीली सरसों की खपत में इजाफा हुआ है। इसलिए सरसों का आरक्ष्रित भंडार किसान, तेल उद्योग और आम उपभोक्ताओं के हित में होगा।

बाजार के थोक भाव बुधवार को इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन – 5,320 – 5,370 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना – 4,685- 4,735 रुपये।

वनस्पति घी- 955 – 1,060 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,140 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,770 – 1,830 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,645 – 1,785 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,755 – 1,875 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 – 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,500 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,220 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,320 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला-7,600 से 7,650 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,700 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,100 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,350 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,800- 3,825 लूज में 3,650 — 3,700 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) – 3,500 रुपये

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर