नयी दिल्ली/मुंबई, 15 मार्च (भाषा) एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों के लिए निर्धारित अवकाश यात्रा नीति (ईएलटी) के उपयोग में बड़े पैमाने पर विसंगतियां पाई हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में 4,000 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं और एयरलाइन ने दोषी कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने सहित सुधारात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में घाटे में चल रही एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। इस समय एयरलाइन एक महत्वाकांक्षी परिवर्तन योजना को लागू कर रही है। एयर इंडिया में कुल 24,000 से अधिक कर्मचारी हैं।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एयर इंडिया की ईएलटी नीति के उपयोग में बड़ी गड़बड़ियों का पता एक विस्तृत आंतरिक जांच के बाद चला। ईएलटी नीति के तहत कर्मचारियों और उनके द्वारा नामित व्यक्तियों (जैसे जीवनसाथी और माता-पिता) को एक निश्चित संख्या में मुफ्त हवाई टिकट दिए जाते हैं। यह सुविधा कुछ शर्तों के अधीन होती है।
सूत्रों ने बताया कि कई कर्मचारियों ने उन लोगों को अपना रिश्तेदार बताकर इस नीति का दुरुपयोग किया, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं था। कुछ मामलों में तो कर्मचारियों ने मुफ्त टिकट लेकर उन्हें ऊंचे दामों पर बाहरी लोगों को बेच दिया।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया के लिए एयर इंडिया को भेजे गए विस्तृत सवालों का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला है।
एक सूत्र ने बताया कि 4,000 से अधिक कर्मचारियों को ईएलटी नीति का दुरुपयोग करते पाया गया है। उल्लंघन के ये मामले पिछले वित्त वर्ष से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस दुरुपयोग के कारण हुए कुल वित्तीय नुकसान और सटीक समय अवधि का पता नहीं चल सका है।
एयर इंडिया ने इस दिशा में सुधारात्मक कदम उठाते हुए संबंधित कर्मचारियों से धोखाधड़ी के जरिये ली गई राशि वापस करने को कहा है। इसके साथ ही कई दोषी कर्मचारियों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
भाषा पाण्डेय अजय
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