नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) बिजली राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने शनिवार को कहा कि इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 270 गीगावाट रहने का अनुमान है और पश्चिम एशिया संकट के कारण नियमित बिजली आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बिजली मंत्रालय ने पिछले साल (अप्रैल 2025 के बाद) गर्मियों के दौरान 277 गीगावाट की अधिकतम मांग का अनुमान लगाया था, जबकि जून 2025 में वास्तविक अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट रही थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले महीने (फरवरी 2026) बिजली की अधिकतम आपूर्ति बढ़कर 243.15 गीगावाट हो गई, जो फरवरी 2025 में 243.06 गीगावाट थी।
मंत्री ने यहां ‘लाइनमैन दिवस’ के अवसर पर संवाददाताओं से एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया संकट पर कहा, ”यह एक आपातकालीन स्थिति है। कहीं-कहीं थोड़ा असर (एलपीजी पर) दिख रहा है, लेकिन बिजली क्षेत्र में हम इस तरह आगे बढ़ रहे हैं कि आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी। इस बार गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट होगी और यह इससे आगे नहीं जाएगी।”
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण शनिवार को घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई है।
भाषा पाण्डेय
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