नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) देश में अधिकतम बिजली मांग रविवार को घटकर 238.15 गीगावाट (जीडब्ल्यू) रह गई। शनिवार को यह रिकॉर्ड 256 गीगावाट रही थी।
अधिकतर वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का रविवार को बंद रहना इसकी मुख्य वजह रही।
बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पूरी की गई अधिकतम बिजली मांग (एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति) 237.21 गीगावाट रही जिससे 0.93 गीगावाट की कमी दर्ज की गई। इस प्रकार कुल अधिकतम मांग 238.15 गीगावाट रही।
अधिकतम बिजली मांग शनिवार को रिकॉर्ड 256 गीगावाट तक पहुंच गई थी जो एक दिन पहले (शुक्रवार) 252.07 गीगावाट थी।
पिछले वर्ष गर्मियों में अधिकतम बिजली मांग जून 2025 में 242.77 गीगावाट रही थी जो सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम थी। वहीं 2024 में मई में रिकॉर्ड 250 गीगावाट और 2023 में सितंबर में सर्वाधिक 243.27 गीगावाट मांग दर्ज की गई थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष भीषण गर्मी का अनुमान लगाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मई तथा जून में तापमान बढ़ने और लू चलने से एयर कंडीशनर और कूलर जैसे उपकरणों के बढ़ते उपयोग से बिजली की मांग और बढ़ेगी।
बिजली मंत्रालय ने इस वर्ष गर्मियों के दौरान अधिकतम बिजली मांग के करीब 270 गीगावाट रहने का अनुमान लगाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में लगातार वृद्धि के साथ बिजली मांग मंत्रालय के अनुमानित 270 गीगावाट के करीब पहुंच रही है।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में तापमान बढ़ने के साथ देश में बिजली की मांग भी बढ़ी है। 22 अप्रैल को अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग 239.70 गीगावाट थी जो 23 अप्रैल 2026 को बढ़कर 240.12 गीगावाट हो गई। हालांकि, इस महीने के पहले पखवाड़े में यह मांग अप्रैल 2025 के 235.32 गीगावाट के स्तर से कम रही थी।
भाषा निहारिका रमण
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