कोविड-19 की वजह से मांग घटने के बीच पेन निर्माताओं को जीएसटी की समस्या

कोविड-19 की वजह से मांग घटने के बीच पेन निर्माताओं को जीएसटी की समस्या

कोविड-19 की वजह से मांग घटने के बीच पेन निर्माताओं को जीएसटी की समस्या
Modified Date: November 29, 2022 / 08:40 pm IST
Published Date: December 2, 2020 10:37 am IST

कोलकाता, दो दिसंबर (भाषा) करीब 2,000 करोड़ रुपये का लेखन सामान या पेन उद्योग को कोविड-19 महामारी के कारण मांग की कमी के साथ-साथ कराधान संबंधी मुद्दों की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। महामारी के कारण अधिकांश शिक्षण संस्थानों के बंद होने से मांग में कमी आई है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी है।

पेन निर्माताओं ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड से संपर्क किया है, जिसमें उनकी ओर से आरोप लगाया गया है कि इस उत्पाद पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है, लेकिन कुछ अधिकारी अधिसूचनाओं की गलत व्याख्या करते हुए पेन के कैप, क्लिप और रिफिल जैसे सामानों पर 18 प्रतिशत कर लगा रहे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा अधिसूचनाएं पेन और उसके अन्य सामानों के बीच कर में कोई भेदभाव नहीं करती हैं।

कलकत्ता पेन मैन्युफैक्चरर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश जालान ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘गलत व्याख्या का मसला वर्ष 2020 के शुरुआती दिनों में सामने आया लेकिन महामारी के दौरान यह समस्या और बढ़ गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उद्योग की मांग में 50 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है क्योंकि शिक्षण संस्थान बंद हैं और ‘घर से काम’ करने की अवधारणा को लोग चुन रहे हैं।’’

पेन उद्योग की ओर से अखिल भारतीय व्यापर मंडल महासंघ के सचिव वी के बंसल ने कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड को एक ज्ञापन दिया गया है, जिसमें उससे अनुरोध किया गया है कि वे अपने सभी क्षेत्रीय आयुक्त कार्यालयों को अधिसूचना के अनुसार कर लगाने की सलाह दें।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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