Petrol Diesel Price 05 January 2026: 9 रुपए सस्ता हुआ डीजल, पेट्रोल के दाम में भी बड़ी राहत, नए साल पर मिली खुशियों की सौगात
Petrol Diesel Price 05 January 2026: 9 रुपए सस्ता हुआ डीजल, पेट्रोल के दाम में भी बड़ी राहत, नए साल पर मिली खुशियों की सौगात
Petrol Diesel Price 05 January 2026: 9 रुपए सस्ता हुआ डीजल, पेट्रोल के दाम में भी बड़ी राहत, नए साल पर मिली खुशियों की सौगात / Image: File
- डीजल के दाम में 8.57 रुपये प्रति लीटर की कटौती
- पेट्रोल की कीमतों में 10.28 रुपये प्रति लीटर की कमी
- नई कीमतें जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई
बिजनेस: Petrol Diesel Price 05 January 2026 महंगाई की मार झेल रही जनता को केंद्र सरकार ने नए साल के पहले ही दिन बड़ी सौगात दी है। सरकार ने आम जानता को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल के रेट में भारी कटौती की है। सरकार का ये फैसला आम जनता के लिए नए साल की सौगात से कम नहीं है। ईंधन के रेट में कटौती को लेकर वित्त मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और नए रेट 1 जनवरी 2026 से लागू कर दिए गए हैं।
10.28 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल
Petrol Diesel Price 05 January 2026 मिली जानकारी के अनुसार ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पेट्रोल की कीमत में 10.28 रुपए और डीजल की कीमत में 8.57 रुपए की कटौती की है। कीमतों में राहत मिलने के बाद अब पेट्रोल के दाम 263.45 रुपए से घटाकर 253.17 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं, बात करें डीजल की तो 265.65 रुपए से घटाकर 257.08 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।
नए साल पर जनता को राहत भरी सौगात
बता दें कि सभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर जनरल सेल्स टैक्स (GST) ज़ीरो है, लेकिन पाकिस्तान सरकार पेट्रोल लेवी और 2.50 रुपए प्रति लीटर क्लाइमेट सपोर्ट लेवी (CSL) के नाम पर डीजल पर 78 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल और हाई ऑक्टेन प्रोडक्ट्स पर 82 रुपए प्रति लीटर चार्ज कर रही है। सरकार पेट्रोल और HSD पर लगभग 16-17 रुपए प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी भी लगा रही है, चाहे उनका लोकल प्रोडक्शन हो या इंपोर्ट। इसके अलावा, लगभग 17 रुपए प्रति लीटर डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री मार्जिन तेल कंपनियों और उनके डीलरों को जा रहा है।
800,000 टन प्रति माह की खपत
गौरतलब है कि पेट्रोल और HSD रेवेन्यू कमाने वाले मुख्य प्रोडक्ट्स हैं, जिनकी मासिक औसत बिक्री लगभग 700,000 – 800,000 टन प्रति माह है, जबकि केरोसिन की मासिक मांग सिर्फ़ 10,000 टन है। सरकार ने FY2025 में सिर्फ़ पेट्रोलियम लेवी से लगभग 1.161 ट्रिलियन रुपए रिकवर किए और उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में यह लगभग 27% बढ़कर 1.470 ट्रिलियन रुपए हो जाएगा।

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