Petrol Diesel Price Today 21 September 2026: पेट्रोल-डीजल 17 प्रतिशत तक हुआ महंगा, गैस की कीमत में भी भारी इजाफाव, नए रेट आज से लागू, जानिए अब एक लीटर के लिए कितना करना होगा भुगतान / Image: AI Generated
बिजनेस: Petrol Diesel Price Today 21 September 2026: मध्य पूर्व में फिर से तनाव बढ़ने के बीच दुनिया भर में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। जहां एक ओर सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का हमला बढ़ता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर अमेरिका भी संकेत दे रहा है कि वह ईरान पर नए हमले करने की तैयारी में है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए खुदरा बाजार में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी इजाफा हो रहा है। आज भी पेट्रोल-डीजल की कीमत में 20 टका प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल-डीजल की नई कीमत आज यानि सोमवार 21 सितंबर से लागू कर दी गई है।
Petrol Diesel Price Today 21 September 2026: मिली जानकारी के अनुसार बांग्लादेश की सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 17.4% तक की बढ़ोतरी की है। सरकार ने ये फैसला ऐसे समय में लिया है जब यहां की जनता पहले ही बिजली और गैस की कमी से जूझ रही है। कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने के बाद यहां डीज़ल की कीमत 115 टका से बढ़कर 135 टका प्रति लीटर हो गई है। जबकि पेट्रोल की कीमत 140 टका से बढ़कर 160 टका और केरोसिन की कीमत 135 टका से बढ़कर 155 टका हो गई है। वहीं, ऑक्टेन गैसोलीन की कीमत 145 टका से बढ़ाकर 165 टका प्रति लीटर कर दी गई है। अगर भारतीय मुद्रा के अनुसार देखें तो बांग्लादेश में ईंधन की कीमतों में सीधे 15.65 रुपए की तब वृद्धि हुई है।
बता दें कि इससे पहले अप्रैल और जून में भी ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई थीं। तब भी सरकार ने ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आयात की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ाई थीं। मंत्रालय ने बताया कि सरकारी कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को मार्च और अगस्त के बीच 228.76 अरब टका (1.9 अरब अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हुआ। कीमतों में इस नई बढ़ोतरी से सालाना नुकसान में लगभग 100 अरब टका की कमी आ सकती है। साथ ही, इससे विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और पड़ोसी देशों में ईंधन की तस्करी रोकने में भी मदद मिलेगी, जहां कीमतें ज़्यादा हैं। मंत्रालय ने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय ऊर्जा संकट के कारण आयात की लागत बढ़ने के बावजूद सरकार बिजली और गैस की सप्लाई में मदद करती रही है।