मानसूनी बारिश अनियमित होने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री बढ़ी

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मानसूनी बारिश अनियमित होने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री बढ़ी

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 05:15 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 05:15 PM IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की तीन पेट्रोलियम कंपनियों की पेट्रोल और डीजल बिक्री में अगस्त में तेज वृद्धि दर्ज की गई। इसका कारण अनियमित मानसूनी बारिश के कारण किसानों और वाहन चालकों की ईंधन मांग में वृद्धि है।

उद्योग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) की पेट्रोल बिक्री अगस्त में सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत बढ़कर 34.8 लाख टन रही।

पिछले साल इसी महीने में कंपनियों ने 31.9 लाख टन पेट्रोल बेचा था। जुलाई में भी पेट्रोल की बिक्री में सालाना आधार पर 9.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

अगस्त में पेट्रोल की बिक्री 2024 के इसी महीने के 30.5 लाख टन के मुकाबले 14 प्रतिशत और अगस्त, 2023 के स्तर से 30.7 प्रतिशत अधिक रही। मासिक आधार पर पेट्रोल की बिक्री करीब एक प्रतिशत बढ़कर 34.5 लाख टन रही।

देश में आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख संकेतक मानी जाने वाली डीजल की बिक्री अगस्त में 10.2 प्रतिशत बढ़कर 62.7 लाख टन रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 56.9 लाख टन थी।

डीजल की मांग में लगातार दूसरे महीने दहाई अंक में वृद्धि हुई है। जुलाई में इसकी बिक्री 10.7 प्रतिशत बढ़ी थी।

डीजल देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला ईंधन है और इसका उपयोग माल ढुलाई, कृषि मशीनरी तथा सिंचाई में भी होता है। अनियमित मानसूनी बारिश के कारण बुवाई के दौरान सिंचाई की मांग बढ़ी। इससे डीजल खपत को बढ़ावा मिला।

अगस्त की बिक्री 2024 के इसी महीने की तुलना में 9.7 प्रतिशत और 2023 के मुकाबले 6.3 प्रतिशत अधिक रही। हालांकि, अगस्त में डीजल की बिक्री जुलाई के 71.3 लाख टन के मुकाबले मासिक आधार पर 12 प्रतिशत कम रही।

आमतौर पर मानसून शुरू होने के साथ ईंधन की बिक्री कम हो जाती है क्योंकि बारिश से कृषि के लिए सिंचाई की जरूरत घटती है और वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। लेकिन इस साल मानसून देर से आने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए डीजल पंप का इस्तेमाल करना पड़ा।

विमान ईंधन (एटीएफ) की बिक्री अगस्त में 5.6 प्रतिशत बढ़कर 6,77,100 टन रही। यह 2024 के इसी महीने के 6,39,700 टन से 5.9 प्रतिशत और अगस्त, 2023 के 5,75,400 टन से 17.7 प्रतिशत अधिक है।

मासिक आधार पर जुलाई के 6,68,500 टन के मुकाबले एटीएफ की बिक्री 1.3 प्रतिशत बढ़ी।

इसके उलट, एलपीजी की बिक्री में गिरावट जारी रही। अगस्त में एलपीजी की बिक्री 16.1 प्रतिशत घटकर 24.2 लाख टन रही। जुलाई में भी एलपीजी की मांग 17.4 प्रतिशत घटी थी।

उद्योग के अनुसार, इसका एक प्रमुख कारण कुछ मात्रा में मांग का पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) की ओर स्थानांतरित होना है। पश्चिम एशिया संकट के बाद आपूर्ति प्रभावित होने से होटल और रेस्तरां जैसे क्षेत्रों में खपत पर प्रतिबंध लगाए गए थे।

ये प्रतिबंध जून में हटाए गए थे और उस महीने एलपीजी की बिक्री 8.6 प्रतिशत बढ़कर 21.8 लाख टन हुई थी। हालांकि, यह सालाना आधार पर कम रही थी क्योंकि कुछ औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता अब अपनी जरूरतों के लिए पीएनजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

एलपीजी की खपत अगस्त में 2024 के इसी महीने के 27.7 लाख टन से 12.6 प्रतिशत और अगस्त 2023 के 24.3 लाख टन से 0.3 प्रतिशत कम रही। मासिक आधार पर एलपीजी बिक्री 2.2 प्रतिशत बढ़कर 23.7 लाख टन रही।

भाषा रमण अजय

अजय