मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनियों का बॉन्ड और डिबेंचर में निवेश वित्त वर्ष 2024-25 में कई गुना बढ़ गया।
केंद्रीय बैंक ने गैर-सरकारी एवं गैर-वित्तीय क्षेत्र की 15,919 निजी कंपनियों के विश्लेषण के आधार पर ये आंकड़े जारी किए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, इन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024-25 में बॉन्ड और डिबेंचर में 35,981 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो एक साल पहले मात्र 224 करोड़ रुपये था।
इसी अवधि में कॉरपोरेट बॉन्ड निर्गम बढ़कर 9.87 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 8.38 लाख करोड़ रुपये था।
बीएसई और एनएसई के इलेक्ट्रॉनिक मंच पर इन निवेश साधनों पर प्रतिफल 6.5 से 15 प्रतिशत के दायरे में रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक सूचकांकों में भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों के शामिल होने से विदेशी निवेश में बढ़ोतरी हुई। जेपी मॉर्गन और ब्लूमबर्ग द्वारा सरकारी बॉन्ड को अपने-अपने सूचकांकों में शामिल करने से निवेश प्रवाह को बढ़ावा मिला।
इस दौरान इक्विटी में निवेश 62.25 प्रतिशत घटकर 59,945 करोड़ रुपये रह गया, जो 2023-24 में 1.59 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह म्यूचुअल फंड में निवेश भी घटकर 3,656 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 6,700 करोड़ रुपये था।
आरबीआई के मुताबिक, कुल कोष में बाहरी स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़कर 53.6 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 52.3 प्रतिशत थी।
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प्रेम अजय
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