सीआईआई ने कहा, निजी क्षेत्र का निवेश 67 प्रतिशत बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपये रहा

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सीआईआई ने कहा, निजी क्षेत्र का निवेश 67 प्रतिशत बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपये रहा

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 04:28 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 04:28 PM IST

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को कहा कि सितंबर, 2025 में भारत के निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय एक साल पहले के 4.6 लाख करोड़ रुपये से 67 प्रतिशत बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपये हो गया।

इसके साथ ही सीआईआई ने पश्चिम एशिया संकट और उसके बाद की स्थितियों के मद्देनजर पांच सूत्रीय उद्योग कार्य एजेंडा पेश किया। इसमें पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में की गई कटौती को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने का प्रस्ताव शामिल है।

भारतीय उद्योग परिसंघ ने निजी निवेश में आए इस उछाल को देश के निवेश चक्र में एक शक्तिशाली और व्यापक सुधार का निर्णायक प्रमाण बताया है।

उद्योग निकाय ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती को कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होने पर छह से नौ महीनों के दौरान धीरे-धीरे वापस लिया जाना चाहिए।

सीआईआई के पांच सूत्रीय एजेंडा में एमएसएमई भुगतान के लिए 45 दिन की गारंटी, आयात विकल्पों के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा और स्वैच्छिक मूल्य नियंत्रण तथा इंटर्नशिप की संख्या बढ़ाने जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं।

लगभग 1,200 कंपनियों के विश्लेषण के आधार पर सीआईआई ने बताया कि निजी क्षेत्र का निवेश सितंबर, 2025 में बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 67 प्रतिशत अधिक है।

विनिर्माण क्षेत्र इसमें सबसे आगे रहा, जिसकी कुल निजी निवेश में हिस्सेदारी 3.8 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग आधी रही। इसमें धातु, वाहन और रसायन क्षेत्र प्रमुख रहे। सेवाओं का योगदान 3.1 लाख करोड़ रुपये या लगभग 40 प्रतिशत रहा, जो व्यापार, संचार और आईटी/आईटीईएस द्वारा संचालित था।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ”इस सुधार चक्र से उत्साहित होकर, सीआईआई ने उद्योग जगत से वैश्विक तनाव के मौजूदा दौर में राष्ट्रीय दायित्व में अपना हिस्सा पूरा करने की अपील की है।”

भाषा पाण्डेय अजय

अजय