कतर अपतटीय क्षेत्र में मालवाहक पोत पर हमले के बाद युद्धविराम के लिए खतरा

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कतर अपतटीय क्षेत्र में मालवाहक पोत पर हमले के बाद युद्धविराम के लिए खतरा

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 04:28 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 04:28 PM IST

दुबई, 10 मई (एपी) कतर अपतटीय क्षेत्र में रविवार को एक अज्ञात मिसाइल के हमले के बाद एक मालवाहक जहाज में आग लग गई। ब्रिटिश सेना ने यह जानकरी दी।

अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम के बाद फारस की खाड़ी में जहाजों पर यह नवीनतम हमला है।

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि एक महीने पहले लागू युद्धविराम अब भी प्रभावी है। लेकिन ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात प्रतिबंधित किए जाने और अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी किए जाने से युद्धविराम को बार-बार चुनौती मिल रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल प्रवाह के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्ग है।

वाशिंगटन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने और जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए फिर से खोलने को लेकर नए प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

वार्ता में मुख्य अड़चनों में से एक ईरान का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी का कहना है कि ईरान के पास 440 किलोग्राम (970 पाउंड) से अधिक यूरेनियम है जिसे 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित किया गया है। यह स्तर हथियार बनाने योग्य स्तर के बहुत करीब होता है।

ईरानी सरकारी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में ईरान की सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि यूरेनियम के भंडारण वाले परमाणु स्थलों की रक्षा के लिए सेना ‘‘पूरी तरह से तैयार’’ है।

ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया ने शनिवार देर रात ‘इरना’ समाचार एजेंसी से कहा, ‘‘हमने यह संभावना जताई थी कि वे घुसपैठ या हेलीकॉप्टर के जरिए इसे चुराने का इरादा रखते होंगे।’’

रविवार को हुए हमले के बारे में ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (यूकेएमटीओ) सेंटर ने कहा कि हमले के कारण मालवाहक पोत में मामूली आग लग गई, जिसे बुझा दिया गया।

यूकेएमटीओ ने बताया कि यह हमला कतर की राजधानी दोहा से 43 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुआ।

इसने कहा कि हमले में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।

पिछले एक सप्ताह के दौरान फारस की खाड़ी में जहाजों पर कई हमले हुए हैं।

ईरान की नौसेना ने चेतावनी दी है कि ईरानी तेल टैंकरों या वाणिज्यिक पोत पर कोई भी हमला होने पर इसका जवाब क्षेत्र स्थित किसी भी अमेरिकी सैन्य अड्डे और दुश्मन के पोत पर ‘‘भीषण हमलों’’ से दिया जाएगा।

एपी यासिर नेत्रपाल

नेत्रपाल