शोध, नवोन्मेष के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी महत्वपूर्ण: जितेंद्र सिंह

Ads

शोध, नवोन्मेष के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी महत्वपूर्ण: जितेंद्र सिंह

  •  
  • Publish Date - April 10, 2026 / 10:01 PM IST,
    Updated On - April 10, 2026 / 10:01 PM IST

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शोध और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र से अधिक भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने विशेष रूप से उभरते क्षेत्रों और स्टार्टअप की मदद के लिए कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहलों के जरिये समर्थन देने की जरूरत पर जोर दिया।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने बृहस्पतिवार को ‘भारत में आरएंडडी करने में सुगमता’ और ‘भारत में आरएंडडी की सुगमता पर सर्वेक्षण’ नामक दो रिपोर्ट जारी की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अनुसंधान बाधाओं से मुक्त वातावरण में ही फलता-फूलता है। उन्होंने भारत के मजबूत मानव संसाधन आधार के बारे में भी बताया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार ये रिपोर्ट तैयार करने में देश भर के 400 से अधिक संस्थाओं के प्रमुख और 850 से अधिक प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं के सुझावों को शामिल किया गया है।

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने कहा कि अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) की सुगमता में सुधार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह अध्ययन एक गतिशील दस्तावेज के रूप में काम करेगा।

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन सुमन बेरी ने कहा कि अनुसंधान को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलना एक प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने इसके लिए निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी पर जोर दिया।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण