MP Politics News:/Image Credit: IBC24 File
एक कुत्ते के गले में कलेक्टर का पट्टा पहनाया और कहा कि- वक्त बदलेगा तब इन कुत्तों को देखा जाएगा, तो वहीं सागर में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने, फोन पर कलेक्टर को जमकर खरी खोटी सुनाई और कहा कि कैसे कलेक्टर हो, जो जनता की तकलीफें तक नहीं समझते, (MP Politics News) तो अब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की धौंस को उनके मातहत जायज बता रहे हैं।
ऐसा नहीं कि सिर्फ विपक्ष के नेता ही ऐसा कर रहे हैं.. सत्ता पक्ष के नेता भी अधिकारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं। बीते दिनों अशोकनगर जिले में जनसुनवाई करने पहुंचे केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर को फटकार लगाई और जनसुनवाई के एक-एक आवेदन को कलेक्टर से मौके पर ही व्यवस्थित रखवाया। (MP Politics News) तो शुक्रवार को ग्वालियर में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, निगम आयुक्त संघप्रिय पर आग बबूला हो गए, उन्होंने कहा कि वो भूमिपूजन के लिए आए हैं, लेकिन कोई अधिकारी मौजूद नही हैं,आगे से वो बात नही करेंगे।
लेकिन जहां भाजपा, कांग्रेस नेताओं के व्यवहार को लेकर आपत्ति उठा रही है, वहीं बीजेपी नेताओं के रौब को जनहित वाला प्रोटोकॉल बता रही है।
ऐसे में सवाल ये है कि- उमंग सिंघार, कलेक्टर्स को संकेतों में कुत्ता कहने की सनक क्यों दिखा रहे हैं? (MP Politics News) सवाल जीतू पटवारी से भी कि- अक्सर,फोन को स्पीकर में रखकर कलेक्टर को हड़काते हुए वीडियो बनवाना क्या साबित करता है? सवाल बीजेपी नेताओं से भी कि-सार्वजनिक तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को हड़काना,क्या अपनी ताकत का प्रदर्शन करना है? और सवाल प्रशासन से भी- क्या अधिकारी जानबूझकर नेताओं के साथ टकराव के हालात पैदा करते हैं?
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