स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर खेती में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक पर रोक का प्रस्ताव

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स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर खेती में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक पर रोक का प्रस्ताव

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 09:45 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) सरकार ने पैराक्वाट डाइक्लोराइड के उत्पादन, आयात, परिवहन, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रस्ताव देते हुए एक मसौदा आदेश जारी किया है। खेती में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले इस कीटनाशक से इंसानों और जानवरों की सेहत को गंभीर खतरा होने की चिंता जताई गई है।

मसौदा आदेश (ड्राफ्ट ऑर्डर) जारी करने वाले केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने संबंधित लोगों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां या सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।

यह कदम ‘कीटनाशक अधिनियम, 1968’ की धारा पांच के तहत बनाई गई पंजीकरण समिति की सिफारिश के बाद उठाया गया है, जिसमें उचित विचार-विमर्श किया गया था।

आदेश के मसौदे में कहा गया, ‘‘पंजीकरण समिति की रिपोर्ट पर उचित विचार करने के बाद, केंद्र सरकार इस बात से सहमत है कि पैराक्वाट डाइक्लोराइड कीटनाशक के इस्तेमाल से इंसानों और जानवरों को खतरा हो सकता है, इसलिए तुरंत कार्रवाई करना ज़रूरी है।’’

समिति ने बताया कि पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर पहले ही 70 से ज़्यादा देशों में रोक लगाई जा चुकी है या इसके इस्तेमाल पर कड़ी पाबंदियां हैं।

इसने कई चिंताजनक बातों की ओर इशारा किया, जिनमें सेहत पर बुरे असर के प्रमाण, ज़हर फैलने की लगातार घटनाएं जिनमें मौत की दर ज्यादा रही है, और इस रसायन के लिए किसी खास एंटीडोट (इलाज) का न होना शामिल है।

इसमें कहा गया, ‘‘समिति ने भारत में पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर पूरी तरह रोक लगाने की सिफारिश की है, यानी ‘कीटनाशक अधिनियम, 1968’ के तहत पैराक्वाट डाइक्लोराइड के उत्पादन, आयात, परिवहन, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाई जाए।’’

अंतिम आदेश जारी होने के बाद, किसी भी व्यक्ति को पैराक्वाट डाइक्लोराइड का आयात, उत्पादन, बिक्री, परिवहन, वितरण या इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं होगी।

पंजीकरण समिति को इस कीटनाशक के लिए जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणन वापस लेने का निर्देश दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि जो प्रमाणपत्र धारक तीन महीने के भीतर इन्हें वापस नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय