नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) सरकार ने 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना के तहत देशभर में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाएं स्थापित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी गई।
कोयला गैसीकरण की प्रक्रिया में ठोस ईंधन को सिंथेटिक गैस में बदला जाता है। यह गैस वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल होती है और मेथनॉल, उर्वरक, हाइड्रोजन तथा अन्य रसायनों के उत्पादन में मदद करती है।
कोयला मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि मई, 2026 में स्वीकृत इस योजना का उद्देश्य सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण को बढ़ावा देना है, ताकि सिंथेटिक गैस (सिनगैस) और उससे जुड़े उत्पाद जैसे सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (एसएनजी), यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट, मेथनॉल और अन्य रसायनों का उत्पादन किया जा सके।
बयान के मुताबिक, सात जुलाई को ‘प्रस्ताव का अनुरोध’ (आरएफपी) जारी किया गया है। आवेदन-पूर्व बैठक 20 जुलाई को होगी, जबकि सवाल भेजने की अंतिम तिथि 25 जुलाई और उनके जवाब तीन अगस्त तक दिए जाएंगे।
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि सात सितंबर है और निविदाएं आठ सितंबर को खोली जाएंगी। चयनित आवेदक की घोषणा 21 अक्टूबर को होने की संभावना है जबकि ‘आवंटन पत्र’ (एलओए) चार नवंबर को जारी किया जाएगा। परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर चार जनवरी, 2027 को होंगे।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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