सरकारी बैंक युवाओं की जरूरतों का ध्यान रखें, दो अक्टूबर से शुरू होगा अभियानः सीतारमण

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सरकारी बैंक युवाओं की जरूरतों का ध्यान रखें, दो अक्टूबर से शुरू होगा अभियानः सीतारमण

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 07:53 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 07:53 PM IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) से युवाओं की सरल, सहज एवं व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप और 24 घंटे उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं की अपेक्षाओं के हिसाब से खुद को ढालने को कहा।

सीतारमण ने यहां ‘पीएसबी कॉन्क्लेव’ में अपने संबोधन के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से दो अक्टूबर, 2026 से एक महीने का ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान शुरू करने को कहा। उन्होंने 16 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं तक विशेष रूप से पहुंच बनाने पर जोर दिया।

वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों को युवाओं के शाखाओं में आने का इंतजार करने के बजाय खुद उनके बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज, विश्वविद्यालय, कौशल विकास संस्थान और अन्य परिसरों में खाता खोलने, वित्तीय जागरूकता और सीधे संवाद के जरिये युवाओं तक पहुंच बनाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी 12 बैंकों को अपने उत्पादों, क्षेत्रीय मौजूदगी और संस्थागत क्षमताओं के आधार पर युवाओं को आकर्षित करने और उनसे जुड़ने की अलग रणनीति बनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बैंकों का उद्देश्य केवल एक बार खाता खुलवाने तक सीमित न रहकर ‘परिसर से करियर और उसके बाद तक’ युवाओं के साथ दीर्घकालिक बैंकिंग संबंध बनाने का होना चाहिए।

सीतारमण ने कहा, ‘‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक युवा भारतीयों की पहली और सबसे भरोसेमंद पसंद होने चाहिए, चाहे वे अपना पहला खाता खोल रहे हों, पहली तनख्वाह पा रहे हों, उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हों, उद्यम शुरू कर रहे हों या अपना पहला निवेश कर रहे हों।’’

उन्होंने बैंक शाखाओं में ‘युवा कियोस्क’ या ‘युवा बैंकिंग मित्र’ जैसे समर्पित केंद्र स्थापित करने का भी सुझाव दिया, जहां कर्मचारी युवाओं को बैंकिंग और वित्तीय मामलों में मार्गदर्शन दे सकें।

उन्होंने बैंकों से युवाओं में औपचारिक ऋण व्यवस्था के बारे में जागरूकता बढ़ाने को भी कहा। इसमें क्रेडिट स्कोर, विभिन्न बैंक ऋण उत्पादों और सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को भविष्य में उद्यम शुरू करने के लिए आसानी से वित्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बैंकों से युवाओं को अच्छे क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट इतिहास बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक करने को भी कहा।

सीतारमण ने भारतीय बैंक संघ (आईबीए) से युवाओं में बैंकिंग जागरूकता के लिए एक समर्पित पोर्टल शुरू करने की संभावना तलाशने को कहा। यह पोर्टल युवाओं को उनकी जरूरत के अनुरूप बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय अवसरों की जानकारी देने तथा संबंधित बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए एकल मंच के रूप में काम कर सकता है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय