बेंगलुरु, 26 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कहा कि राजस्थान बदलाव की राह पर आगे बढ़ रहा है और प्रगतिशील परिवर्तन को अपना रहा है।
शर्मा ने बेंगलुरु में मौजूद कर्नाटक और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को राज्य के साथ मिलकर नई कृषि क्रांति को आकार देने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री बेंगलुरु में ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ के तहत आयोजित निवेशक सम्मेलन को संबोधित करने के दौरान यह बात कही।
इस सम्मेलन का उद्देश्य राजस्थान को कृषि नवाचार, कृषि-प्रौद्योगिकी निवेश और वैश्विक साझेदारी के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
शर्मा ने कहा, “राजस्थान अपनी पारंपरिक कृषि क्षमता को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर एक मजबूत कृषि-प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।”
उन्होंने कहा, “2024 के ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के दौरान किए गए 35 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों में से नौ लाख करोड़ रुपये के निवेश पहले ही धरातल पर उतर चुके हैं और हम सभी हितधारकों का इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्सा बनने के लिए स्वागत करते हैं,”
दोनों राज्यों के बीच तालमेल पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “राजस्थान आगे बढ़ रहा है, विकसित हो रहा है और प्रगतिशील बदलाव को अपना रहा है, और कर्नाटक के साथ मिलकर हम अपने किसानों को नवीनतम प्रौद्योगिकियों से सशक्त बनाकर साझा समृद्धि का भविष्य बना सकते हैं।”
दोनों राज्यों के साझा दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “बेंगलुरु और राजस्थान के बीच नवाचार और प्रगति पर आधारित लंबे समय से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे राजस्थान ‘विकसित राजस्थान’ बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, हम बेंगलुरु और कर्नाटक को नई कृषि क्रांति को आकार देने में हमारे साथ साझेदार बनने के लिए आमंत्रित करते हैं।”
यह कार्यक्रम राजस्थान सरकार के कृषि विभाग द्वारा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और राजस्थान फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस निवेशक बैठक में कृषि, कृषि-प्रौद्योगिकी, उद्योग और निवेश क्षेत्रों के प्रमुख हितधारकों की भागीदारी देखी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम 2026 के माध्यम से सरकार कृषि क्षेत्र में एक नए परिवर्तनकारी युग की शुरुआत के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें खेती के तरीकों का आधुनिकीकरण, किसानों की आय में वृद्धि और उन्हें कृत्रिम मेधा तथा कृषि-प्रौद्योगिकी जैसी उन्नत तकनीकों से जोड़ना शामिल है। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण और वैश्विक बाजारों तक उनकी पहुंच को भी बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक पहल हजारों किसानों, विशेषज्ञों और निवेशकों को एक ही जीवंत मंच पर लाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि, बिजली, सहकारिता, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे प्रमुख विभागों को एकीकृत कर एक ऐसा समग्र तंत्र विकसित कर रही है जिससे किसानों का समग्र विकास हो सके।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य प्रौद्योगिकी का उपयोग कर सतत विकास को बढ़ावा देना और किसानों को ऐसे साधन और अवसर उपलब्ध कराना है जिससे वे आगे बढ़ सकें।”
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राज्य सरकार नीति समर्थन, बुनियादी ढांचे के विकास और नवाचार के माध्यम से कृषि-प्रौद्योगिकी तंत्र को मजबूत कर रही है, जिससे निवेशकों और उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम 2026 पर आधारित एक फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें राजस्थान के कृषि और कृषि-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अवसरों को दर्शाया गया।
बैठक में कृषि, कृषि-प्रौद्योगिकी, निवेश और साझेदारी के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई और प्रतिभागियों ने क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सहयोग के विभिन्न रास्तों पर विचार किया।
मुख्य कार्यक्रम ‘ग्राम 2026’ का आयोजन 23 से 25 मई 2026 के बीच जयपुर में किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के निवेशक, उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि और नीति निर्माता शामिल होने की उम्मीद है।
भाषा योगेश नरेश
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