गोलियां चलने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को रात्रिभोज कार्यक्रम से बाहर ले जाया गया, एक व्यक्ति गिरफ्तार

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गोलियां चलने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को रात्रिभोज कार्यक्रम से बाहर ले जाया गया, एक व्यक्ति गिरफ्तार

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 10:03 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 10:03 PM IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 26 अप्रैल (एपी) व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान होटल के बॉलरूम के बाहर एक हथियारबंद व्यक्ति द्वारा गोलीबारी किए जाने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य शीर्ष अधिकारियों को सुरक्षा कर्मियों ने वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।

यह घटना शनिवार रात करीब 8:34 बजे की है, जब मेहमानों को रात्रिभोज परोसा जा रहा था। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप, एसोसिएशन की अध्यक्ष वेइजिया जियांग और ‘मेंटलिस्ट’ ओज पर्लमैन के साथ बातचीत करते नजर आ रहे थे। पर्लमैन वाशिंगटन हिल्टन में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम में अपना शो पेश करने वाले थे।

खुफिया सेवा के अधिकारियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने राष्ट्रपति, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और द्वितीय महिला उषा वेंस को सुरक्षा घेरा बना कक्ष से बाहर ले गए।

रात्रिभोज में आए कई मेहमान, जिनमें राजनीतिक क्षेत्र के नेता, पत्रकार और अन्य आमंत्रित व्यक्ति शामिल थे, सहज प्रतिक्रिया के रूप में मेज के नीचे झुक गए।

घटना के तुरंत बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “प्रथम महिला, उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।”

हिम्मत दिखाते हुए, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह भी घोषणा की कि 30 दिनों के भीतर रात्रिभोज को पुनर्निर्धारित किया जाएगा।

कुछ घंटों बाद, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और घोषणा की कि सुरक्षाकर्मियों ने कैलिफोर्निया के एक व्यक्ति को पकड़ लिया है।

घटना को याद करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे एक आवाज़ सुनाई दी और मुझे लगा कि कोई ट्रे नीचे गिर रही है। मैंने ऐसी आवाज़ें कई बार सुनी हैं। आवाज़ काफी तेज़ थी और थोड़ी दूर से आ रही थी। हमलावर अभी उस इलाके तक पहुंचा ही नहीं था। उन्होंने उसे पकड़ लिया।”

ट्रंप ने कहा कि एक सुरक्षा अधिकारी पर गोली चलाई गई थी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बच गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई विश्व नेताओं ने राष्ट्रपति ट्रंप और उनके शीर्ष अधिकारियों के सुरक्षित होने पर राहत व्यक्त की और जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा का कोई स्थान नहीं है।

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और कुशलता की मंगल कामना करता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।’’

इस घटना पर हैरानी जताते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों पर किसी भी तरह के हमले की निंदा की जानी चाहिए।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए इस हमले को “अस्वीकार्य” बताया।

संदिग्ध की पहचान कैलिफोर्निया निवासी 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच के हवाले से सीएनएन ने बताया कि ‘बॉलरूम’ में घुसने की कोशिश करने वाला बंदूकधारी संभवतः डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सदस्यों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। चैनल के हवाले से एक कानून प्रवर्तन अधिकारी ने कहा कि गोलीबारी से पहले संदिग्ध उनकी निगरानी में नहीं था। वाशिंगटन हिल्टन के बैंक्वेट हॉल के बाहर मौजूद सीएनएन के एक रिपोर्टर ने बताया कि उन्होंने कुछ ही फुट की दूरी पर एक बंदूकधारी को गोली चलाते देखा। वह उन दर्जनों उपस्थित लोगों में शामिल थे, जिन्होंने छिपने की कोशिश की।

डिनर में मौजूद एक सी-स्पैन संवाददाता ने कहा, “मुझे बस बूम, बूम, बूम, बूम की आवाजें सुनाई दे रही थीं, और कई मेहमान मेज के नीचे छिप गए ।”

होटल के बाहर सड़क पर कई प्रदर्शनकारी कतार में खड़े थे और ट्रंप प्रशासन और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ नारे लगा रहे थे।

जब ट्रंप से पूछा गया कि शनिवार की घटना का अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में उन पर क्या प्रभाव पड़ता है, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनका पद खतरनाक है, लेकिन वे कोई “असमर्थ” नहीं हैं।

ट्रंप ने कहा, “मैं इसके बारे में सोचना पसंद नहीं करता। मैं एक सामान्य जीवन जीता हूं, यह देखते हुए कि यह एक खतरनाक पद है। मुझे लगता है कि मैं इसे जितना संभव हो उतना अच्छे से संभालता हूं।”

उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि वहां रिपब्लिकन, डेमोक्रेट, निर्दलीय, रूढ़िवादी, उदारवादी और प्रगतिवादी… हर कोई उस कमरे में मौजूद था, बड़ी भीड़ थी, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ थी।”

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, “कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन आज शाम की घटनाओं को देखते हुए, मैं सभी अमेरिकियों से आग्रह करता हूं कि वे अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए दिल से फिर से प्रतिबद्ध हों।” इस दौरान प्रथम महिला मेलानिया, उपराष्ट्रपति वेंस, एफबीआई निदेशक काश पटेल और मार्को रुबियो, पीट हेगसेथ, मार्कवेन मुलिन, टॉड ब्लेंच सहित अन्य शीर्ष अधिकारियों उनके साथ मौजूद थे।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, विभिन्न दलों के सांसदों ने जोर देकर कहा कि अमेरिका में राजनीतिक हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है।

यह 2024 के बाद से तीसरी बार है, जब ट्रंप की मौजूदगी में कोई हमला हुआ है। इससे पहले पेंसिल्वेनिया के बटलर में उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हुए थे।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप