नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) स्वर्ण कारोबार से जुड़ी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स ने बृहस्पतिवार को वित्तीय अनियमितता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका घोषित राजस्व पूरी तरह सही है और बाजार नियामक सेबी के साथ किसी गलतफहमी के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
कंपनी का यह बयान पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (आरईएल) के प्रवर्तक, चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश मेहता पर वित्तीय विवरणों में बड़े पैमाने पर हेरफेर और कोष की हेराफेरी के आरोप में कंपनी के प्रतिभूतियों में कारोबार करने पर रोक लगाने के एक दिन बाद आया है।
बेंगलुरु स्थित इस आभूषण निर्यातक एवं रिफाइनर कंपनी ने बीएसई को दी गई जानकारी में कहा, “कंपनी द्वारा घोषित राजस्व सही हैं और राजस्व में किसी प्रकार की अधिकता नहीं है। सेबी और कंपनी के बीच किसी तरह का संचार संबंधी भ्रम और गलतफहमी प्रतीत होती है।”
कंपनी ने कहा कि सेबी का आदेश अंतरिम प्रकृति का है और किसी भी पहलू पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। कंपनी सभी आवश्यक और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर सेबी को सभी पहलुओं पर स्पष्टीकरण देने की प्रक्रिया में है।
राजेश एक्सपोर्ट्स ने कहा कि उसे विश्वास है कि सेबी प्रस्तुत प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करेगा और सही निष्कर्ष पर पहुंचेगा।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने अंतरिम आदेश में कंपनी को वित्तीय विवरणों, संबंधित पक्ष लेन-देन और अन्य नियामकीय खुलासों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
भाषा योगेश रमण
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