राशन डीलरों के संगठन ने कमीशन में ‘मामूली’ बढ़ोतरी की आलोचना की

राशन डीलरों के संगठन ने कमीशन में 'मामूली' बढ़ोतरी की आलोचना की

राशन डीलरों के संगठन ने कमीशन में ‘मामूली’ बढ़ोतरी की आलोचना की
Modified Date: May 27, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: May 27, 2026 9:13 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) राशन दुकान चलाने वालों के संगठन ने बुधवार को डीलर मार्जिन सिर्फ 10 पैसे प्रति किलोग्राम बढ़ाने के सरकार के फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि खर्चो को पूरा करने के लिए यह बढ़ोतरी ‘पूरी तरह से अपर्याप्त’ है।

हालांकि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ‘ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन’ के अनुसार उसे पता चला है कि मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी के राज्यों के लिए कमीशन 90 पैसे से बढ़ाकर एक रुपया प्रति किलोग्राम और पहाड़ी राज्यों के लिए 1.80 रुपये से बढ़ाकर 1.95 रुपये प्रति किलोग्राम करने को मंजूरी दी है। यह अप्रैल 2022 के बाद पहला संशोधन है।

संगठन के महासचिव बिश्वंभर बसु ने कहा, ‘‘चार साल के लंबे इंतजार के बाद यह मामूली बढ़ोतरी पूरे देश के 5.5 लाख राशन डीलरों, उनके कर्मचारियों और परिवारों के साथ एक क्रूर मजाक है।’’

यह घोषणा विश्व खाद्य कार्यक्रम के एक सर्वेक्षण की पृष्ठभूमि में हुई है। यह सर्वेक्षण वर्ष 2020 में राशन डीलरों द्वारा 13 दिनों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देश पर करवाया गया था, जिसमें न्यूनतम 10 रुपये प्रति किलोग्राम कमीशन की सिफारिश की गई थी।

सर्वेक्षण में अलग-अलग दरों का प्रस्ताव दिया गया था जिसके तहत बड़ी दुकानों के लिए 2.28 रुपये प्रति किलोग्राम, मध्यम आकार की दुकानों के लिए 4.57 रुपये और छोटी राशन दुकानों के लिए 9 रुपये की दर का प्रस्ताव था। यह प्रत्येक दुकान से जुड़े राशन कार्डों की संख्या पर आधारित था।

बसु ने कहा, ‘‘बड़े अफसोस की बात है कि इस सर्वेक्षण की सिफारिशें आज तक लागू नहीं की गई हैं।’’

फेडरेशन ने कहा कि वह अपनी आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए अगले सप्ताह बैठक करेगा।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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