आरबीआई ने बेन कैपिटल को मणप्पुरम फाइनेंस के ‘संयुक्त नियंत्रण’ की मंजूरी दी

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आरबीआई ने बेन कैपिटल को मणप्पुरम फाइनेंस के 'संयुक्त नियंत्रण' की मंजूरी दी

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 09:20 PM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 09:20 PM IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) वैश्विक निजी निवेश कंपनी बेन कैपिटल को मणप्पुरम फाइनेंस और उसकी अनुषंगी कंपनियों के संयुक्त प्रबंधन नियंत्रण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी गोल्ड लोन कंपनी में हिस्सेदारी अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत दी गई है।

मणप्पुरम फाइनेंस ने बुधवार को एक बयान में बताया कि इस प्रस्तावित सौदे के तहत बेन कैपिटल कंपनी में 41.66 प्रतिशत तक हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। इसके साथ ही मणप्पुरम की अनुषंगी कंपनियां आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड (एएमएफएल) और मणप्पुरम होम फाइनेंस लिमिटेड (एमएचएफएल) भी अमेरिकी निवेश कंपनी के संयुक्त नियंत्रण में आ जाएंगी।

कंपनी के बयान के अनुसार, बेन कैपिटल द्वारा लगभग 4,385 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और मौजूदा प्रवर्तकों के साथ संयुक्त नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियां मिल चुकी हैं। इसमें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के तहत आने वाली ‘खुली पेशकश’ की प्रक्रिया भी शामिल है, जिसके जरिए सार्वजनिक शेयरधारकों से हिस्सेदारी खरीदी जाएगी।

मणप्पुरम फाइनेंस और बेन कैपिटल का लक्ष्य 31 मार्च, 2026 तक कंपनी में पूंजी निवेश की प्रक्रिया को पूरा करना है। निवेश पूरा होने और खुली पेशकश के नतीजों के आधार पर बेन कैपिटल की मणप्पुरम फाइनेंस में हिस्सेदारी 18 से 41.66 प्रतिशत के बीच होगी, जबकि मौजूदा प्रवर्तकों के पास 28.9 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी।

इस सौदे के पूर्ण होने के बाद बेन कैपिटल को मणप्पुरम फाइनेंस के ‘प्रवर्तक’ के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।

समझौते के तहत मणप्पुरम फाइनेंस और उसकी अनुषंगी कंपनियों के निदेशक मंडलों का पुनर्गठन किया जाएगा, जिसमें बेन कैपिटल के नामित निदेशक भी शामिल होंगे।

बेन कैपिटल ने पिछले साल मार्च में अपनी सहयोगी कंपनियों के माध्यम से मणप्पुरम फाइनेंस में हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की थी, जो नियामक मंजूरियों के अधीन थी।

भाषा सुमित रमण

रमण