नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि 6जी प्रौद्योगिकी के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठन (आईटीयू) और ‘तीसरी पीढ़ी की भागीदारी परियोजना’ (3जीपीपी) द्वारा अंतिम मानक तय होने के बाद किया जाएगा।
3जीपीपी मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क के लिए तकनीकी मानक विकसित करने वाले सात दूरसंचार मानक संगठनों का एक वैश्विक गठजोड़ है।
सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारत का ‘भारत 6जी गठजोड़’ अपने सात कार्यसमूहों के जरिये 6जी मानकों के निर्माण में सक्रिय रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि देश वैश्विक स्तर पर इस तकनीक के मानक तय करने में भागीदार बना रहे।
सिंधिया ने 6जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘इसका फैसला आईटीयू और 3जीपीपी द्वारा किया जाएगा और संभवतः मानक तय होने के बाद ऐसा होगा।’’
इसके पहले उन्होंने 6जी मानकीकरण पर एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि 6जी प्रौद्योगिकी डिजिटल और तकनीकी दोनों दृष्टि से मानव सभ्यता में अगली बड़ी छलांग साबित होगी।
संचार मंत्री ने 6जी नेटवर्क के सफल कार्यान्वयन के लिए चार प्रमुख बिंदुओं को जरूरी बताया। इनमें वैश्विक स्तर पर नेटवर्क, उपकरण और सेवाओं के बीच सहज संचार सुनिश्चित करना, साझा तकनीकी ढांचा, नवाचार एवं शोध को तेज करना और
समावेशी विकास एवं स्वदेशी नवाचार शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, लगातार संवाद और वैश्विक भागीदारी आवश्यक हैं।
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