मुंबई, एक दिसंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआईएल) से संबंधित सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए।
आरबीआई के बयान के अनुसार समझौता ज्ञापन (एमओयू) ब्रिटेन की वित्तीय स्थिरता कायम रखते हुए आरबीआई की नियामक व पर्यवेक्षी गतिविधियों पर निर्भरता रखने के लिए बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।
समझौता ज्ञापन पर आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर और बीओई की डिप्टी गवर्नर (वित्त स्थिरता) सारा ब्रीडेन ने लंदन में हस्ताक्षर किए।
बयान में कहा गया, ‘‘एमओयू अंतरराष्ट्रीय समाशोधन गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए सीमा पार सहयोग के महत्व और अन्य नियामकों के कामकाज के प्रति बीओई की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।’’
समझौता ज्ञापन संबंधित कानूनों तथा विनियमों के अनुरूप सहयोग बढ़ाने में दोनों पक्षों के हितों की पुष्टि करता है।
भाषा निहारिका रमण
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