रिजर्व बैंक ने 135 एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए

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रिजर्व बैंक ने 135 एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 10:03 PM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 10:03 PM IST

मुंबई, 10 जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि उसने 135 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए हैं।

इनमें एक्सप्रेस फिनकैप हाउस, अक्षय फिस्कल सर्विसेज, टाइम्स फाइनेंस (पी), जुपिटर प्रोजेक्ट्स (पी), जुपिटर फिनवेस्ट, एसेल फाइनेंस बिजनेस लोन्स और सिटीवाइड फाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं।

रिजर्व बैंक की एक विज्ञप्ति के अनुसार, जिन एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए गए, उनमें से ज्यादातर का पंजीकृत कार्यालय का पता पश्चिम बंगाल में था।

इसके अलावा, 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने अपना व्यवसाय बंद करने या विलय/समापन/स्वैच्छिक रूप से नाम हटाने के कारण कानूनी इकाई न रहने की वजह से केन्द्रीय बैंक को अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र सौंप दिए हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि जे. थॉमस फाइनेंस, इकोन-सुपर सेल्स, हितेशा फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट, तिनेवेली तुतीकोरीन इन्वेस्टमेंट्स, कार्नेक्स विनिमय और इम्पैक्ट लीजिंग ने गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफआई) का व्यवसाय छोड़ने के कारण अपने लाइसेंस लौटा दिए।

साथ ही, फोररनर कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स का लाइसेंस इसलिए सुपुर्द किया गया क्योंकि वह बिना पंजीकरण वाली कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (सीआईसी) के लिए तय मानदंडों को पूरा करती थी, जिसके लिए पंजीकरण की जरूरत नहीं होती है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि कैस्पियन इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट्स, हरि दर्शन सेल्स, आइवरी कंसल्टेंट्स, एसकेए कंसल्टेंसी सर्विसेज, त्रिशिता मैनेजमेंट और सुबन ट्रेड्स जैसी एनबीएफसी ने अपने लाइसेंस लौटा दिए, क्योंकि विलय/समापन/स्वैच्छिक रूप से नाम हटाने आदि के कारण वे कानूनी इकाई नहीं रहीं।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण