आरबीआई का 2022-23 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहने का अनुमान

आरबीआई का 2022-23 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहने का अनुमान

आरबीआई का 2022-23 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहने का अनुमान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: February 10, 2022 4:35 am IST

RBI forecasts economic growth : मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहने का अनुमान है। यह 2021-22 में 9.2 प्रतिशत के पूर्वानुमान से कम है।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और वैश्विक जिंस कीमतों में तेजी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

वित्त मंत्रालय ने हाल ही में संसद में पेश किए गए आर्थिक समीक्षा में 2022-23 में 8-8.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा जारी करते हुए कहा कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सुधार का आधार अभी व्यापक होना बाकी है, क्योंकि निजी खपत और संपर्क आधारित सेवाएं (होटल, पर्यटन आदि) महामारी के पहले के स्तर से नीचे हैं।

उन्होंने कहा कि आम बजट 2022-23 में पूंजीगत व्यय बढ़ने से निजी निवेश में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक वित्तीय बाजार में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिंसों की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक आपूर्ति-पक्ष की बाधाओं के कारण जोखिम बना हुआ है।

दास ने कहा कि कुल मिलाकर वैश्विक कारकों के प्रतिकूल होने से अल्पावधि में वृद्धि की गति कुछ कम हुई है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में वास्तविक वृद्धि दर के 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में 17.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में सात प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.5 प्रतिशत रह सकती है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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