साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल केवल एक निवेश ऐप ही प्ले स्टोर पर उपलब्धः गूगल
साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल केवल एक निवेश ऐप ही प्ले स्टोर पर उपलब्धः गूगल
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने बुधवार को कहा कि निवेश ऐप से जुड़े कथित साइबर धोखाधड़ी मामलों में तुरंत की गई जांच से पता चला है कि संबंधित ऐप में से केवल एक ही गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध था और वह उसकी वित्तीय सेवाओं संबंधी नीति का पालन करता है।
कंपनी का यह बयान ऐसे समय आया है जब हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने तीन धोखाधड़ी मामलों में ‘भारत में गूगल के प्रमुख’ को सह-आरोपी बनाया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें ऊंचे रिटर्न का लालच देकर ‘फर्जी’ ऐप डाउनलोड करवाए गए।
गूगल के एक प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ की तरफ से भेजे गए ईमेल के जवाब में कहा कि प्ले स्टोर पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी की इजाजत नहीं है और कंपनी ने इस मामले की जानकारी मिलते ही उसकी जांच शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि कंपनी वैध कानूनी अनुरोध मिलने पर स्थानीय कानूनों के अनुरूप संबंधित ऐप को हटाने या उन पर रोक लगाने की कार्रवाई करती है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इन निवेश ऐप को गूगल के प्ले स्टोर पर उपलब्ध होने के कारण भरोसेमंद मानकर डाउनलोड किया था लेकिन इनके जरिये निवेश करने के बाद उनके साथ धोखाधड़ी हुई।
पुलिस ने तीन अलग-अलग शिकायतों के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि गूगल इंडिया से इस तरह के ऐप की जानकारी मांगने के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फर्जी निवेश मंच के जरिये उसे ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर बड़ी रकम भेजने को कहा गया लेकिन बाद में उसका पैसा वापस नहीं किया गया। उसने यह भी दावा किया कि गूगल की ओर से उचित निगरानी नहीं होने के कारण उसे 24.37 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
एक अन्य शिकायतकर्ता ने 17 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया, जबकि एक 71 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी ने 7.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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