आरबीआई ने वीआरआर नीलामी के जरिए बैंकों में 81,590 करोड़ रुपये डाले

आरबीआई ने वीआरआर नीलामी के जरिए बैंकों में 81,590 करोड़ रुपये डाले

आरबीआई ने वीआरआर नीलामी के जरिए बैंकों में 81,590 करोड़ रुपये डाले
Modified Date: May 22, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: May 22, 2026 4:22 pm IST

मुंबई, 22 मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को तीन दिन की ‘परिवर्तनीय रेपो दर’ (वीआरआर) नीलामी के जरिए बैंकों में 81,590 करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी डाली।

अस्थायी नकदी का मकसद बैंकिंग प्रणाली में नकदी के अस्थायी उतार-चढ़ाव की स्थिति से निपटना है। वहीं, वीआरआर नीलामी आरबीआई का एक मौद्रिक साधन है जिसके माध्यम से वह अल्पकालिक अवधि के लिए बैंकों को धन उपलब्ध कराता है।

आरबीआई के एक बयान के मुताबिक, यह राशि 5.26 प्रतिशत की कट-ऑफ दर पर डाली गई।

हालांकि, प्रणाली में अधिशेष नकद में तेज गिरावट आने के बावजूद एक लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले बैंकों की तरफ से मांग कम रही। लेकिन नकदी मांग 21 मई को हुई पिछली नीलामी की तुलना में अधिक रही।

बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी 21 मई को घटकर 58,876.29 करोड़ रुपये रह गई, जो 20 मई को 1.51 लाख करोड़ रुपये थी।

नकदी अधिशेष में कमी आने से 24 घंटे की अवधि वाले (ओवरनाइट) कर्ज पर वसूले जाने वाले ब्याज की दरों में तेज वृद्धि देखी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती नकदी स्थिति के प्रबंधन के लिए आरबीआई जल्द ही एक और वीआरआर नीलामी की घोषणा कर सकता है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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