आरबीआई का उत्पादों की गलत बिक्री पर अंकुश लगाने को बैंकों में प्रोत्साहन समाप्त करने का प्रस्ताव

आरबीआई का उत्पादों की गलत बिक्री पर अंकुश लगाने को बैंकों में प्रोत्साहन समाप्त करने का प्रस्ताव

आरबीआई का उत्पादों की गलत बिक्री पर अंकुश लगाने को बैंकों में प्रोत्साहन समाप्त करने का प्रस्ताव
Modified Date: February 11, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: February 11, 2026 9:29 pm IST

मुंबई, 11 फरवरी (भाषा) बैंकों को किसी भी ऐसे प्रोत्साहन से बचना चाहिए जिससे किसी उत्पाद या सेवा की गलत बिक्री हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को यह प्रस्ताव किया।

केंद्रीय बैंक ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा वित्तीय उत्पादों और सेवाओं के विज्ञापन, विपणन और बिक्री के लिए अपने मसौदा संशोधन निर्देशों में यह भी प्रस्ताव दिया कि बैंक ग्राहकों से उनकी सहमति प्राप्त करने के बाद ही संपर्क करें और ऐसा केवल कार्यालय समय के दौरान ही किया जाए।

आरबीआई ने कहा, ‘‘ बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी नीतियां और कार्यप्रणाली न तो गलत बिक्री के लिए प्रोत्साहन ढांचा तैयार करें और न ही कर्मचारियों/डीएसए (प्रत्यक्ष बिक्री एजेंटों) को उत्पादों/सेवाओं की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करें।’’

केंद्रीय बैंक के अनुसार, ‘‘यह विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाएगा कि तृतीय-पक्ष उत्पादों/सेवाओं के विपणन/बिक्री में लगे कर्मचारियों को तृतीय-पक्ष से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई प्रोत्साहन प्राप्त न हो।’’

मसौदे में यह भी प्रस्ताव है कि किसी बैंक को अपने किसी उत्पाद या सेवा के साथ किसी तृतीय-पक्ष उत्पाद या सेवा की बिक्री को जोड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और ग्राहक को विभिन्न कंपनियों के विकल्पों में से चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए।

गलत बिक्री साबित होने की स्थिति में, बैंकों को उत्पाद या सेवा की खरीद के लिए ग्राहक द्वारा भुगतान की गई पूरी राशि वापस करनी होगी और मंजूर नीति के अनुसार गलत बिक्री के कारण हुए किसी भी नुकसान के लिए ग्राहक को क्षतिपूर्ति भी देनी होगी।

आरबीआई बैंकों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कह रहा है कि उनके उपयोगकर्ता इंटरफेस में किसी भी प्रकार के डार्क पैटर्न का उपयोग न हो, और ऐसे लगभग एक दर्जन मामलों की सूची दी है जिनसे बचना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने गलत बिक्री पर लगाम लगाने के लिए नियम लाने की घोषणा की थी। उस घोषणा के बाद मसौदा जारी किया गया है।

लोगों को मसौदे पर अपनी राय देने के लिए चार मार्च तक का समय दिया गया है।

भाषा रमण अजय

अजय


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