मुंबई, 22 मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मार्च में हाजिर मुद्रा बाजार में शुद्ध आधार पर 9.76 अरब डॉलर की बिक्री की। केंद्रीय बैंक के शुक्रवार को जारी मासिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
इससे पहले केंद्रीय बैंक लगातार दो महीनों तक अमेरिकी डॉलर की खरीद कर रहा था। फरवरी में आरबीआई ने हाजिर बाजार से 7.41 अरब डॉलर की शुद्ध खरीद की थी।
आरबीआई बुलेटिन के मुताबिक, सकल आधार पर मार्च में आरबीआई ने 19.88 अरब डॉलर की खरीद की जबकि 29.64 अरब डॉलर की बिक्री की। इस तरह शुद्ध बिक्री 9.76 अरब डॉलर की रही।
अप्रैल में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ। हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा और आरबीआई के विभिन्न उपायों के चलते गिरावट सीमित रही। इसके बाद रुपये की चाल कच्चे तेल की कीमतों के अनुरूप रही, जो पश्चिम एशिया की स्थिति को दर्शाती है।
वास्तविक प्रभावी विनिमय दर (आरईईआर) के आधार पर भी अप्रैल में रुपये में गिरावट दर्ज की गई। इसका कारण नाममात्र प्रभावी विनिमय दर (एनईईआर) में कमजोरी और देश के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की तुलना में अपेक्षाकृत कम मूल्य सूचकांक रहा।
बुलेटिन के मुताबिक, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में बना हुआ है। इस विदेशी मुद्रा भंडार से भारत लगभग 11 महीने तक आयात का भुगतान कर सकता है जबकि अपने बकाया विदेशी कर्ज का लगभग 90 प्रतिशत चुका सकता है।
शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप के बीच रुपया लगातार दूसरे सत्र में मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.73 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उस टिप्पणी के बाद मुद्रा बाजार को कुछ राहत मिली, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान से जुड़ी कूटनीतिक वार्ता रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
आरबीआई बुलेटिन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह एक साल पहले की तुलना में सकल और शुद्ध दोनों आधार पर अधिक रहा। मार्च में शुद्ध एफडीआई लगातार दूसरे महीने सकारात्मक रहा जबकि सकल एफडीआई प्रवाह में कुछ सुस्ती दर्ज की गई।
इस दौरान भारत से बाहर जाने वाले एफडीआई में कमी आई और इसका आधे से अधिक हिस्सा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और नीदरलैंड में गया।
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प्रेम रमण
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