रियल्टी कंपनियां, वित्तीय संस्थान क्षेत्र को लेकर सतर्क : रिपोर्ट

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रियल्टी कंपनियां, वित्तीय संस्थान क्षेत्र को लेकर सतर्क : रिपोर्ट

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  • Publish Date - May 6, 2026 / 07:45 PM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 07:45 PM IST

नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते रियल एस्टेट कंपनियां और वित्तीय संस्थान कम से कम सितंबर तक रियल्टी क्षेत्र की संभावनाओं के प्रति ‘सतर्क पुनर्मूल्यांकन’ का दृष्टिकोण अपना रहे हैं। नाइट फ्रैंक और नारेडको ने यह निष्कर्ष निकाला है।

रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक और रियल्टी कारोबारियों के निकाय नारेडको ने बुधवार को ‘रियल एस्टेट धारणा सूचकांक पहली तिमाही-2026 (जनवरी-मार्च) जारी किया। यह हितधारकों की धारणा में हाल के वर्षों में बने आशावाद से उल्लेखनीय बदलाव की ओर इशारा करता है।

वर्तमान धारणा स्कोर इस वर्ष जनवरी-मार्च के दौरान 60 अंक से घटकर 49 अंक रह गया। 2025 की चौथी तिमाही में यह 60 अंक था। इस तरह धारणा आशावाद से निराशावाद में तब्दील हो गई।

इसमें कहा गया, ‘‘भविष्य का धारणा स्कोर तटस्थ 50 अंक पर है, जो 2025 की चौथी तिमाही से कम है। इसमें कहा गया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र की धारणा ‘सतर्क पुनर्मूल्यांकन’ के चरण में प्रवेश कर चुकी है।’’

यह धारणा सूचकांक रियल एस्टेट कंपनियों, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों जैसे आपूर्ति पक्ष के हितधारकों के सर्वेक्षण पर आधारित है। 50 से ऊपर का अंक ‘आशावाद’ का संकेत देता है, जबकि 50 का अंक तटस्थ धारणा को दर्शाता है। 50 से नीचे का अंक ‘निराशावाद’ का संकेत देता है।

नाइट फ्रैंक-नारेडको की रिपोर्ट में बताया गया है कि धारणा में नरमी मुख्य रूप से वैश्विक व्यापक आर्थिक अस्थिरता के कारण है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति को तेज कर दिया है, जिससे निर्माण और लॉजिस्टिक की लागत प्रभावित हुई है और परियोजनाओं की व्यवहार्यता पर असर पड़ा है। साथ ही, वित्तीय परिस्थितियों में सख्ती के कारण हितधारकों ने सतर्क रुख अपनाया है।

भाषा अजय अजय रमण

रमण