चीन समेत चार देशों से आयातित एल्युमीनियम फॉयल पर डंपिंग-रोधी शुल्क जारी रखने की सिफारिश

चीन समेत चार देशों से आयातित एल्युमीनियम फॉयल पर डंपिंग-रोधी शुल्क जारी रखने की सिफारिश

चीन समेत चार देशों से आयातित एल्युमीनियम फॉयल पर डंपिंग-रोधी शुल्क जारी रखने की सिफारिश
Modified Date: September 23, 2026 / 07:13 pm IST
Published Date: September 23, 2026 7:13 pm IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने चीन, थाइलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया से आयातित 80 माइक्रोन या उससे कम मोटाई वाले एल्युमीनियम फॉयल पर डंपिंग-रोधी शुल्क पांच साल के लिए बढ़ाने की सिफारिश की है।

वाणिज्य मंत्रालय के तहत डीजीटीआर ने एक अधिसूचना में कहा कि जांच में सभी संबंधित पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद शुल्क को पांच साल की अवधि के लिए जारी रखना उचित और जरूरी पाया गया। इसके तहत 93.53 डॉलर से 976.99 डॉलर प्रति टन के दायरे में शुल्क जारी रखने की सिफारिश की गई है।

शुल्क अवधि बढ़ाने की सिफारिश पर अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय करेगा।

डीजीटीआर ने कहा कि शुल्क समीक्षा की जांच का आवेदन हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एलएसकेबी एल्युमीनियम फॉयल्स, रविराज फॉयल्स, श्री वेंकटेश्वर इलेक्ट्रोकास्ट, श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और एसआरएफ अल्टेक लिमिटेड ने दायर किया था।

डीजीटीआर ने कहा कि सस्ते माल के आयात से घरेलू उद्योग की लाभप्रदता प्रभावित हुई है। उसने कहा कि शुल्क लागू होने के बावजूद, खासकर थाइलैंड से पर्याप्त मात्रा में आयात जारी है। चीन के निर्यातक यह शुल्क समाप्त होने पर अधिक मात्रा में निर्यात कर सकते हैं।

भारत ने सितंबर, 2021 में पहली बार इस उत्पाद पर पांच साल के लिए डंपिंग रोधी शुल्क लगाया था।

भारत ने चीन समेत विभिन्न देशों से होने वाले सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को बचाने के लिए कई उत्पादों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाए हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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