रिलायंस का जून तिमाही में शुद्ध लाभ 22 प्रतिशत घटकर 20,946 करोड़ रुपये, राजस्व 25 प्रतिशत बढ़ा
रिलायंस का जून तिमाही में शुद्ध लाभ 22 प्रतिशत घटकर 20,946 करोड़ रुपये, राजस्व 25 प्रतिशत बढ़ा
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 22 प्रतिशत घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि तेल-से-रसायन एवं दूरसंचार कारोबारों के अच्छे प्रदर्शन से कंपनी का मुख्य परिचालन लाभ एवं कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
आरआईएल ने शुक्रवार को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजों की सूचना देते हुए कहा कि इस दौरान कंपनी का एकीकृत राजस्व 25.4 प्रतिशत बढ़कर 3.12 लाख करोड़ रुपये हो गया।
जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 26,994 करोड़ रुपये था। गिरावट की मुख्य वजह पिछले वर्ष की समान तिमाही में 8,924 करोड़ रुपये का एकबारगी लाभ है। उस समय कंपनी को एशियन पेंट्स में अपनी हिस्सेदारी बेचने से असाधारण लाभ हुआ था।
अगर इस एकबारगी लाभ को हटा दिया जाए तो जून तिमाही में रिलायंस का वास्तविक प्रदर्शन मजबूत रहा है। रिलायंस ने कहा कि तिमाही आधार पर उसका ईबीआईटीडीए 10.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 54,067 करोड़ रुपये हो गया, जबकि शुद्ध लाभ 6.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 23,196 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आलोच्य अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज के विभिन्न कारोबार खंडों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां तेल-से-रसायन (ओ2सी) एवं दूरसंचार व्यवसाय ने मजबूत वृद्धि दर्ज की जबकि खुदरा कारोबार अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
ओ2सी कारोबार की मुख्य आय सालाना आधार पर 17.2 प्रतिशत बढ़कर 17,010 करोड़ रुपये हो गया। बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग ने इस वृद्धि को सहारा दिया।
दूरसंचार कारोबार कंपनी की वृद्धि का प्रमुख इंजन बना रहा। जियो प्लेटफॉर्म्स का लाभ 15.1 प्रतिशत बढ़ा जबकि ग्राहक आधार 53.3 करोड़ से अधिक हो गया। प्रौद्योगिकी निवेशों से राजस्व में भी लगातार विस्तार हुआ।
हालांकि, खुदरा कारोबार का प्रदर्शन धीमा रहा। रिलायंस रिटेल का राजस्व 7.4 प्रतिशत बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये हुआ, लेकिन डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म में लगातार निवेश के कारण ईबीआईटीडीए 1.1 प्रतिशत घटकर 6,309 करोड़ रुपये रह गया और मार्जिन 7.9 प्रतिशत तक सिमट गया।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने 20,865 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कर-पूर्व लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 15.1 प्रतिशत अधिक है। ईबीआईटीडीए मार्जिन 1.50 प्रतिशत अंक बढ़कर 53.3 प्रतिशत हो गया।
जून तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल कर दिया है जो इसके संभावित आईपीओ की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, ‘जियो का मोबाइल, होम ब्रॉडबैंड और उद्यम कारोबार खंड मजबूत बना हुआ है। मसौदा दस्तावेज दाखिल करना बाजार में सूचीबद्धता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे निवेशकों को भारत की डिजिटल वृद्धि में भागीदारी का अवसर मिलेगा।’
पेट्रोरसायन कारोबार का ईबीआईटीडीए 17.2 प्रतिशत बढ़कर 17,010 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसे वैश्विक रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार और पेट्रोरसायन विस्तार से समर्थन मिला। हालांकि, महंगे कच्चे तेल और रखरखाव के लिए अस्थायी बंदी का असर भी रहा।
खुदरा कारोबार खंड में कंपनी ने तिमाही के दौरान 252 नए स्टोर जोड़े, जिससे कुल स्टोर की संख्या 20,169 हो गई। इसका ग्राहक आधार 10.6 प्रतिशत बढ़कर 39.6 करोड़ हो गया, जबकि तिमाही लेनदेन 46 प्रतिशत बढ़कर 56.8 करोड़ रहा।
डिजिटल सेवाएं कंपनी की सबसे बड़ी वृद्धि कारक बनी रहीं। जियो का राजस्व 12 प्रतिशत बढ़कर 45,961 करोड़ रुपये रहा, जबकि डेटा खपत में तेज वृद्धि देखी गई। कुल डेटा ट्रैफिक 27 प्रतिशत बढ़कर 69 एक्साबाइट हो गया और औसत प्रति उपयोगकर्ता राजस्व (एआरपीयू) 215.6 रुपये तक पहुंच गया।
तेल एवं गैस (अपस्ट्रीम) कारोबार में राजस्व 3.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि ईबीआईटीडीए लगभग स्थिर रहा। केजी-डी6 ब्लॉक से गैस उत्पादन में प्राकृतिक गिरावट के बावजूद कोल बेड मीथेन और तेल उत्पादन से कुछ संतुलन बना।
कंपनी का तिमाही पूंजीगत व्यय 38,682 करोड़ रुपये रहा, जिसे 41,254 करोड़ रुपये के आंतरिक नकदी प्रवाह से पूरा किया गया। जून अंत तक शुद्ध कर्ज 1,22,914 लाख करोड़ रुपये रहा।
अंबानी ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में सभी कारोबारों ने मजबूत परिचालन प्रदर्शन दिया है और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी का पोर्टफोलियो जुझारू बना हुआ है।’
उन्होंने नई ऊर्जा परियोजनाओं के शुरू होने और जियो की संभावित सूचीबद्धता का जिक्र करते हुए कहा कि इस तिमाही के नतीजों से उन्हें ‘कारोबार की मूलभूत मजबूती पर भरोसा’ और ‘आने वाले वर्ष को लेकर आशावादी होने का कारण’ मिला है।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
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