रिलायंस का दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 18,645 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर, खुदरा कारोबार सुस्त

रिलायंस का दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 18,645 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर, खुदरा कारोबार सुस्त

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 09:05 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 09:05 PM IST

मुंबई, 16 जनवरी (भाषा) विविध कारोबारों में सक्रिय रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ मामूली रूप से बढ़कर 18,645 करोड़ रुपये रहा। खुदरा कारोबार एवं गैस उत्पादन में गिरावट आने से उसके लाभ में लगभग स्थिरता आई है।

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी आरआईएल ने शुक्रवार को अक्टूबर-दिसंबर, 2025 तिमाही के इस नतीजे की सूचना दी। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 18,540 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।

कंपनी ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती, उपभोक्ता उत्पाद कारोबार के अलग होने और त्योहारों की खरीद दो तिमाहियों में बंट जाने के कारण खुदरा कारोबार की आय में वृद्धि सीमित रही। हालांकि, ऊर्जा और डिजिटल कारोबार में मजबूत मार्जिन से मिले लाभ ने इस असर की काफी हद तक भरपाई कर दी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बयान में कहा कि दिसंबर तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध 18,645 करोड़ रुपये यानी 13.78 रुपये प्रति शेयर रहा जो पिछले साल की समान अवधि में 18,540 करोड़ रुपये यानी 13.70 रुपये प्रति शेयर था।

आलोच्य तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व बढ़कर 2.69 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 2.43 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, कर-पूर्व लाभ (ईबीआईटीडीए) 6.1 प्रतिशत बढ़कर 48,003 करोड़ रुपये रहा।

डिजिटल और दूरसंचार कारोबार वाली इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का राजस्व करीब 13 प्रतिशत बढ़ा। इसकी वजह ग्राहकों के जुड़ाव में मजबूती, प्रति उपभोक्ता औसत आय (एआरपीयू) में सुधार और डिजिटल सेवाओं का विस्तार रहा।

जियो प्लेटफॉर्म्स का लाभ 11.2 प्रतिशत बढ़कर 7,629 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के दौरान इसके ग्राहकों की संख्या बढ़कर 51.53 करोड़ हो गई, जबकि प्रति ग्राहक औसत राजस्व बढ़कर 213.7 रुपये हो गया।

कंपनी के तेल-से-रसायन (ओ2सी) कारोबार ने भी बीती तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। इस खंड का राजस्व 8.4 प्रतिशत बढ़ा, जिसे बेहतर ईंधन मार्जिन, उत्पादन में वृद्धि और ईंधन खुदरा नेटवर्क के विस्तार से समर्थन मिला।

हालांकि, केजी बेसिन से उत्पादन में प्राकृतिक गिरावट आने से तेल एवं गैस कारोबार का ईबीआईटीडीए करीब 13 प्रतिशत घटकर 4,857 करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान गैस उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

खुदरा कारोबार का ईबीआईटीडीए 1.3 प्रतिशत बढ़ा जबकि इसका लाभ 2.7 प्रतिशत बढ़कर 3,551 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी ने 431 नए स्टोर खोले और क्विक कॉमर्स में रोजाना 16 लाख ऑर्डर हासिल किया।

समीक्षाधीन अवधि में जियोस्टार ने 8,010 करोड़ रुपये का राजस्व और 1,303 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए दर्ज किया। जियोहॉटस्टार के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता औसतन 45 करोड़ रहे।

दिसंबर तिमाही के अंत में कंपनी का शुद्ध कर्ज 1.17 लाख करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा। इस दौरान पूंजीगत व्यय 33,826 करोड़ रुपये रहा, जिसे 41,303 करोड़ रुपये के नकद लाभ से पूरा किया गया।

रिलायंस के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने तिमाही नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने सभी कारोबारों में परिचालन मजबूती और स्थिर वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है।

उन्होंने कहा कि रिलायंस कृत्रिम मेधा (एआई) और नवीन ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश के जरिये मूल्य सृजन के नए चरण में प्रवेश कर रही है और इन क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण