नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) आईटी उद्योग की संस्था नैस्कॉम के नवनियुक्त चेयरमैन श्रीकांत वेलामकन्नी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आईटी कंपनियों में राजस्व वृद्धि को बहाल करना और कंपनियों में कृत्रिम मेधा (एआई) तथा नई तकनीकों की बढ़ती भूमिका का प्रचार-प्रसार करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी।
फ्रैक्टल के सह-संस्थापक और समूह मुख्य कार्यकारी वेलामकन्नी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वह भारत को एआई के युग में और भी बेहतर तथा आक्रामक तरीके से प्रतिस्पर्धा करते हुए देखना चाहेंगे।
उन्होंने कहा कि उद्योग निकाय अधिक क्षमता निर्माण और शिक्षा प्रणाली में एआई-आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए नीतिगत समर्थन पर ध्यान देगा।
वेलामकन्नी ने कहा, ”पूरे (आईटी) उद्योग में राजस्व वृद्धि को बहाल करना बहुत महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे साल आगे बढ़ेगा, राजस्व वृद्धि में कुछ सुधार होगा। हम यह भी देखेंगे कि कंपनियां प्रति कर्मचारी राजस्व में भी वृद्धि करेंगी।”
उन्होंने कहा कि तकनीक में तेजी से हो रही प्रगति के साथ मशीनें मानवीय कार्यों को पीछे छोड़ देंगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मानवीय भूमिकाओं का महत्व कम हो जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को तकनीक पर अधिक खर्च करना चाहिए।
वेलामकन्नी ने कहा कि वह नैस्कॉम के माध्यम से हर कंपनी में तकनीक और एआई की बढ़ती भूमिका को बढ़ावा देंगे, जिससे देश के भीतर तकनीक पर खर्च बढ़ेगा।
उन्होंने भारत एआई मिशन और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे सरकारी कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि वे अगले एक साल में नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए नीतिगत समर्थन जुटाएंगे।
एआई के दौर में रोजगार सृजन पर उन्होंने कहा कि पिछले साल नौकरियों की शुद्ध वृद्धि सकारात्मक रही है और यह आगे भी बनी रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में कर्मचारियों की संख्या में उतनी वृद्धि नहीं हुई जितनी पहले होती थी, क्योंकि वृद्धि उम्मीद से कम रही है।
भाषा पाण्डेय रमण
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