पीएलआई योजनाओं के तहत 30 जून तक 36,754 करोड़ रुपये दिए गए: सरकार

पीएलआई योजनाओं के तहत 30 जून तक 36,754 करोड़ रुपये दिए गए: सरकार

पीएलआई योजनाओं के तहत 30 जून तक 36,754 करोड़ रुपये दिए गए: सरकार
Modified Date: September 25, 2026 / 04:12 pm IST
Published Date: September 25, 2026 4:12 pm IST

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के तहत इस साल 30 जून तक लाभार्थी कंपनियों को 36,754 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है।

देश की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने, निर्यात को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन करने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार ने 2020 में 14 प्रमुख क्षेत्रों के लिए 1.91 लाख करोड़ रुपये के स्वीकृत परिव्यय के साथ पीएलआई योजनाएं शुरू की थीं।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा, ”30 जून 2026 तक पीएलआई योजनाओं के तहत 2.58 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश हुआ। इसमें 23.79 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन/बिक्री और 15.53 लाख करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया। इन योजनाओं से अब तक 14.57 लाख से अधिक (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजगार सृजित हुए हैं और अब तक 36,754 करोड़ रुपये का कुल प्रोत्साहन दिया गया है।”

विभाग ने यह भी बताया कि दवा क्षेत्र ने इस योजना के तहत 3.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कुल बिक्री दर्ज की है। इस योजना से देश में 1,931 दवा उत्पादों का घरेलू विनिर्माण संभव हुआ है, जिनमें 191 ऐसे रसायन (दवाइयों के मूल कच्चे माल) शामिल हैं जिनका भारत में पहली बार विनिर्माण किया गया है।

डीपीआईआईटी ने कहा कि सीमेंस, विप्रो जीई और फिलिप्स जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण परियोजनाओं में भाग लिया है। आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में डेल, एचपी, लेनोवो, एसर, आसुस और एचपीई सहित वैश्विक ब्रांडों ने सीधे तौर पर या भारतीय ईएमएस (इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवा) साझेदारों के माध्यम से घरेलू विनिर्माण शुरू किया है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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