नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का गैर-मान्यता प्राप्त राजस्व लगभग 65,000 करोड़ रुपये है।
प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने कहा कि पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान कंपनी की आवासीय संपत्तियों की मजबूत बिक्री के दम पर यह आंकड़ा हासिल हुआ है।
प्रेस्टीज एस्टेट्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 30,024 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री बुकिंग हासिल की है, जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है।
प्रेस्टीज एस्टेट्स के चेयरमैन इरफान रजाक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमारे बही-खाते में करीब 65,000 करोड़ रुपये का गैर-मान्यता प्राप्त राजस्व है। यह कोई छोटी रकम नहीं है।’’
उन्होंने बताया कि कंपनी राजस्व की पहचान के लिए ‘कंपलीशन मेथड’ (परियोजना पूरी होने की पद्धति) का पालन करती है। इसका मतलब है कि रियल एस्टेट परियोजना के पूरा होने के बाद ही राजस्व को खाते में मान्यता दी जाती है। हालांकि, रजाक ने कहा कि कंपनी इस व्यवस्था को ‘परसेंटेज ऑफ कंपलीशन मेथड’ (काम पूरा होने के प्रतिशत के आधार पर राजस्व दिखाना) में बदलने के लिए ऑडिटर्स (लेखा परीक्षकों) के साथ बातचीत कर रही है।
चालू वित्त वर्ष (2026-27) के दृष्टिकोण पर कंपनी के चेयरमैन ने उम्मीद जताई कि बिक्री बुकिंग और नई परियोजनाएं पेश करने के मामले में प्रदर्शन 2025-26 से बेहतर रहेगा। पश्चिम एशिया संकट के बीच वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद आवास की मांग मजबूत बनी हुई है।
भाषा योगेश अजय
अजय