रुपया 12 पैसे टूटकर 92.40 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर

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रुपया 12 पैसे टूटकर 92.40 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 04:33 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 04:33 PM IST

मुंबई, 17 मार्च (भाषा) अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया मंगलवार को 12 पैसे टूटकर अपने सबसे निचले स्तर 92.40 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार पूंजी निकासी के कारण रुपये में यह गिरावट आई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान भी रुपये को कमजोर स्तर पर सहारा देने में मदद कर रहा है। हालांकि, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले पर नजर रखे हुए हैं।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.35 पर खुला और दिन के सबसे निचले स्तर 92.47 तक आया। अंत में घरेलू मुद्रा अब तक के सबसे निचले स्तर 92.40 (अस्थायी) बंद हुई, जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे कम है।

सोमवार को दो पैसे की मामूली बढ़त के बावजूद, स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब 92.28 पर बंद हुई थी।

एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रुपये ने 13 मार्च को पहली बार दिन के सबसे निचले स्तर 92.47 को छुआ था, जबकि उस दिन यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 92.30 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि घरेलू मुद्रा में गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा लगातार पूंजी निकासी है। हालांकि, घरेलू बाजारों में सुधार और अमेरिकी डॉलर की नरमी ने रुपये की तेज गिरावट को सीमित किया।

उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद और भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से रुपये को निचले स्तर पर सहारा मिल सकता है।

चौधरी ने कहा, ‘निवेशक इस सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (एफओएमसी), यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी), बैंक ऑफ़ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीतियों पर भी नजर रखेंगे।’

चौधरी के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 92.10 रुपये से 92.75 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद है।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत बढ़कर 99.52 पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.65 प्रतिशत बढ़कर 102.86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था।

घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स 567.99 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 76,070.84 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 172.35 अंक या 0.74 प्रतिशत चढ़कर 23,581.15 अंक पर पहुंच गया।

सोमवार को जारी किए गए नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश का व्यापार घाटा जनवरी की तुलना में फरवरी में घटकर 27.1 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया है।

आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष फरवरी में माल निर्यात में मामूली 0.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 36.61 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि आयात में 24.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 51.33 अरब डॉलर से बढ़कर 63.71 अरब डॉलर हो गया।

सोमवार को जारी एक अन्य सरकारी आंकड़े के अनुसार, देश में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में 11 महीनों के उच्चतम स्तर 2.13 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि थी।

शेयर बाजार के के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 9,365.52 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

भाषा योगेश अजय

अजय