मुंबई, 18 सितंबर (भाषा) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को सात पैसे टूटकर 95.96 पर बंद हुआ। मजबूत अमेरिकी मुद्रा और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण रुपये ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी पूंजी प्रवाह ने भारतीय मुद्रा में गिरावट को सीमित किया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.75 पर खुला और शुरुआती कारोबार में इसने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दिन के उच्चतम स्तर 95.71 को छुआ। बाद में रुपये पर दबाव देखा गया और यह अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले सात पैसे टूटकर 95.96 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर बंद हुआ।
पिछले सात कारोबारी सत्रों में 150 पैसे या लगभग 1.5 प्रतिशत टूटने के बाद स्थानीय मुद्रा बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे चढ़कर 95.89 पर बंद हुई थी।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि घरेलू बाजारों में मजबूती और कच्चे तेल में नरमी के कारण रुपया बढ़त के साथ खुला। हालांकि, डॉलर में मजबूती के कारण शुरुआती बढ़त थम गई।
चौधरी ने कहा, ‘‘कारोबारी अमेरिका के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 95.65 से 96.15 रुपये के दायरे में रहने का अनुमान है।’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.24 प्रतिशत चढ़कर 100.39 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड ने दूसरे सत्र में अपनी गिरावट को सीमित किया और यह 0.19 प्रतिशत टूटकर 104.60 डॉलर प्रति बैरल पर था।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,294.96 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,346.40 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 599.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा पाण्डेय रमण
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