Nandigram by-election. Image Source- IBC24 Archive
कोलकाताः Nandigram by-election पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर हो रहे उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। उपचुनाव से 18 दिन पहले ममता गुट की कैंडिडेट संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। दावा किया जा रहा है कि संचिता ने बंगाल सीएम शुभेंदु से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने अपना नाम वापस लिया है। इधर अब ममता गुट ने अपना समर्थन कांग्रेस को देने का ऐलान किया है।
Nandigram by-election बता दें कि आयोग ने शुक्रवार को टीएमसी के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न और ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संवैधानिक पद का अपमान नहीं करती, लेकिन आज का दिन देश के लोकतांत्रिक इतिहास में काला दिन है। चुनाव आयोग के आदेश के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि 1998 में कांग्रेस से अलग होकर उनकी ओर से बनाई गई पार्टी को बीजेपी ने हाईजैक कर लिया है। ममता ने कहा कि यह पूरी तरह राजनीतिक पक्षपात और बदले की कार्रवाई है। उन्होंने दावा किया कि 92 लाख वोट हटाए गए और ईवीएम को हाईजैक करने के बाद भी अंतर केवल 32 लाख वोटों का रहा। उन्होंने कहा कि बीजेपी उनकी पार्टी को कभी खत्म नहीं कर सकती।
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई।