मुंबई, 21 मई (भाषा) रुपया ‘फॉरवर्ड’ बाजार में 100 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचने के बाद बृहस्पतिवार को सुधर कर 96.43 पर आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ वार्ता के अंतिम चरण में पहुंचने के संकेत देने के बाद निवेशकों की धारणाओं को थोड़ा बल मिला है।
‘फॉरवर्ड’ बाजार एक ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) वित्तीय बाजार है जहां संबंधित पक्ष एक पूर्व निर्धारित विनिमय दर पर विदेशी मुद्राओं को खरीदने या बेचने के लिए सहमत होते हैं। इसकी डिलीवरी भविष्य की एक विशिष्ट तिथि पर की जाती है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, एक साल के ‘फॉरवर्ड’ बाजार में रुपये की दर बुधवार को महत्वपूर्ण 100 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गई थी। यह संकेत देता है कि बाजार पहले से ही अगले 12 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर रहने का अनुमान जता रहा है।
उन्होंने कहा कि निवेशक अब भी पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने या कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका के मद्देनजर वैश्विक जोखिम और तेल की कीमतों को लेकर सतर्क हैं।
हाजिर बाजार यानी अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में बृहस्पतिवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.25 पर खुला। इसके बाद कारोबार के दौरान 96.05 के उच्च और 96.60 के निचले स्तर तक गया।
रुपये की डॉलर के मुकाबले एक वर्ष की ‘फॉरवर्ड’ दर बुधवार को मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 100 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गई थी। हाजिर बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96.95 के नए निचले स्तर तक टूटा और अंत में 96.86 पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.30 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स दोपहर कारोबार के दौरान 207.04 अंक टूटकर 75,111.35 अंक जबकि निफ्टी 20.55 अंक फिसलकर 23,638.15 अंक पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.02 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका रमण
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