मुंबई, 23 फरवरी (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे बढ़कर 90.89 पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और वैश्विक रुख से जुड़ी नई अनिश्चितताओं के बीच कमजोर डॉलर की वजह से रुपये में तेजी आई।
हालांकि, विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ताजा भू-राजनीतिक चिंताओं ने रुपये के लाभ को सीमित कर दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 90.76 पर खुला और सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले 90.67-90.90 के दायरे में कारोबार करता रहा। आखिर में यह पिछले बंद भाव से पांच पैसे बढ़कर 90.89 पर बंद हुआ।
शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे टूटकर 90.94 पर बंद हुआ था।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक, अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘रुपया 90.67 तक बढ़ा, लेकिन बढ़त बनाए नहीं रख सका क्योंकि शेयर बाजार सुबह के उच्च स्तर पर नहीं टिक पाए। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के अनुकूल फैसले के बावजूद, रुपये में कोई बड़ी बढ़त नहीं हुई, और हर गिरावट पर आयातकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक जैसे दूसरे खरीदारों ने डॉलर खरीदा।’’
उन्होंने कहा कि रुपये के 90.60 से 91.00 के दायरे में रहने की उम्मीद है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.32 प्रतिशत टूटकर 97.47 पर कारेाबार कर रहा था।
वैश्विक कच्चा तेल मानक, ब्रेंट क्रूड 0.32 प्रतिशत टूटकर 71.47 डॉलर प्रति बैरल पर था।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 479.95 अंक बढ़कर 83,294.66 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 141.75 अंक बढ़कर 25,713 पर बंद हुआ।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 3,483.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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