मुंबई, 28 अगस्त (भाषा) वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को छह पैसे की बढ़त के साथ 95.39 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि डॉलर के थोड़ा मजबूत होने और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 95.54 पर खुला और कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.31 से 95.57 के दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में यह पिछले बंद भाव के मुकाबले छह पैसे की बढ़त दर्ज करते हुए 95.39 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसे की गिरावट के साथ 95.45 पर बंद हुआ था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ”दोपहर के कारोबार से रुपये में सुधार देखा गया। रुपये में किसी भी बड़ी गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है। एफसीएनआर(बी) योजना के तहत उम्मीद से बेहतर प्रवाह रुपये की मजबूती में योगदान दे रहा है। एफसीएनआर (बी) में के जरिये प्रवाह 65 अरब डॉलर को पार कर गया है।”
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि बाजार प्रतिभागी जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण पर कड़ी नजर रखेंगे।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत बढ़कर 99.21 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.51 प्रतिशत घटकर 89.24 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को शुद्ध आधार पर 298.26 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा पाण्डेय रमण
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