उप्र : निशुल्क बस सेवा का पहले दिन नौ लाख से अधिक महिलाओं और सहयात्रियों ने उठाया लाभ

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उप्र : निशुल्क बस सेवा का पहले दिन नौ लाख से अधिक महिलाओं और सहयात्रियों ने उठाया लाभ

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  • Publish Date - August 28, 2026 / 04:38 PM IST,
    Updated On - August 28, 2026 / 04:38 PM IST

लखनऊ, 28 अगस्त (भाषा) रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को तीन दिनों के लिए दी गई निशुल्क बस यात्रा की सुविधा का लाभ पहले दिन करीब नौ लाख महिलाओं और सहयात्रियों ने उठाया। शुक्रवार को यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर राज्य में महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा 27 अगस्त की सुबह छह बजे से 29 अगस्त की मध्य रात्रि तक उपलब्ध रहेगी।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ निशुल्क यात्रा कर सकेंगी।

बयान के अनुसार 27 अगस्त से शुरू हुई निशुल्क बस यात्रा में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों में 6.03 लाख से अधिक महिलाओं ने सफर किया। वहीं, महिलाओं के साथ सफर करने वाले 3.22 लाख से अधिक सहयात्रियों को भी निशुल्क यात्रा का लाभ मिला। इस तरह पहले दिन कुल 9.26 लाख से अधिक यात्रियों ने बिना किराया दिए सफर किया।

परिवहन निगम के मुताबिक इस निशुल्क यात्रा पर कुल 9.06 करोड़ रुपये से अधिक व्यय होने का अनुमान है।

यूपीएसआरटीसी प्रधान प्रबंधक (संचालन) अनिल कुमार के हवाले से बयान में कहा गया कि रक्षाबंधन पर महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें सुगम व सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए परिवहन निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यात्रियों की बढ़ी संख्या के मद्देनजर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है और स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है।

बयान के मुताबिक पहले दिन महिलाओं और उनके साथ सफर करने वाले सहयात्रियों की कुल संख्या के लिहाज से मुरादाबाद क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां 62,586 महिलाओं और 32,203 सहयात्रियों समेत कुल 94,789 यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। इसके बाद हरदोई में 82,920, गोरखपुर में 68,152, लखनऊ में 64,590 और बरेली में 58,309 यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। इन पांच क्षेत्रों में ही कुल करीब 3.69 लाख यात्रियों ने निशुल्क सफर किया।

यात्रियों का कहना है कि त्योहार पर बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर जाने की जरूरत होती है। ऐसे में निशुल्क बस यात्रा से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ है।

निशुल्क यात्रा का लाभ पारदर्शिता के साथ पात्र यात्रियों को उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम की टीम विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण भी कर रही हैं।

भाषा आनन्द धीरज

धीरज