रुपया 45 पैसे लुढ़ककर 88.73 प्रति डॉलर के अबतक के सबसे निचले स्तर पर

रुपया 45 पैसे लुढ़ककर 88.73 प्रति डॉलर के अबतक के सबसे निचले स्तर पर

रुपया 45 पैसे लुढ़ककर 88.73 प्रति डॉलर के अबतक के सबसे निचले स्तर पर
Modified Date: September 23, 2025 / 09:10 pm IST
Published Date: September 23, 2025 9:10 pm IST

मुंबई, 23 सितंबर (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 45 पैसे लुढ़ककर 88.73 के अपने अबतक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ।

अमेरिका के एच-1बी वीजा शुल्क में भारी वृद्धि के कारण भारतीय आईटी सेवाओं का निर्यात गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी के बीच रुपये पर दबाव कायम है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि रुपया रिकॉर्ड निम्न स्तर पर आ गया। इसका कारण बाजार नए एच-1बी वीजा शुल्क को बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर करना है जिससे धन प्रेषण में वृद्धि की गति धीमी हो सकती है और अमेरिका को सेवा निर्यात में भारी कमी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा घरेलू बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 88.41 प्रति डॉलर पर खुला। बाद में फिसलकर यह दिन के सबसे निचले स्तर 88.82 प्रति डॉलर तक लुढ़कने के बाद अंत में 88.73 प्रति डॉलर के अबतक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 45 पैसे की जोरदार गिरावट है।

रुपया सोमवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 88.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (मुद्रा एवं जिंस) अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ हमारा अनुमान है कि रुपया कमजोर बना रहेगा क्योंकि अमेरिकी वीजा शुल्क वृद्धि का मुद्दा घरेलू बाजार की धारणा को कमजोर कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप विदेशी पूंजी की निकासी हो सकती है। हालांकि, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में कमजोर रुख घरेलू मुद्रा को समर्थन दे सकता है।’’

चौधरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किसी भी तरह का हस्तक्षेप निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘व्यापारी अमेरिका के पीएमआई और चालू खाता शेष के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। व्यापारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के भाषण से भी संकेत ले सकते हैं।’’

चौधरी ने कहा कि डॉलर-रुपये का हाजिर भाव 88.45 से 89.20 के बीच रहने का अनुमान है।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.28 पर आ गया।

घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 57.87 अंक की गिरावट के साथ 82,102.10 अंक पर जबकि निफ्टी 32.85 अंक फिसलकर 25,169.50 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 66.84 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने मंगलवार को शुद्ध रूप से 3,551.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर बढ़े हुए अमेरिकी शुल्क जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसंधान विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि रुपये में लगातार गिरावट आ रही है। यह एशियाई मुद्राओं में यह सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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