सेल के चेयरमैन ने 2030-31 तक 3.5 करोड़ टन क्षमता हासिल करने का खाका साझा किया
सेल के चेयरमैन ने 2030-31 तक 3.5 करोड़ टन क्षमता हासिल करने का खाका साझा किया
नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लि. (सेल) ने अपनी क्षमता को बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030-31 तक 3.5 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) ए. के. पंडा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी मूल्यवर्धित और विशेष इस्पात की हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ खुदरा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) परिवेश के साथ बेहतर एकीकरण पर ध्यान देगी।
सेल की 54वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए पंडा ने कंपनी के भविष्य की तैयारियों को साझा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘सेल वित्त वर्ष 2030-31 तक कच्चे इस्पात की क्षमता को बढ़ाकर 3.5 करोड़ टन करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके लिए हरित क्षमता निर्माण, कम कार्बन वाली प्रौद्योगिकियों को अपनाने, डिजिटल माध्यम के इस्तेमाल, ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव, मूल्यवर्धित और विशेष इस्पात की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा खुदरा और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र के साथ गहरे एकीकरण को आधार बनाया जाएगा।’’
इस्पात मंत्रालय के तहत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल भारत की सबसे बड़ी सरकारी इस्पात कंपनी है और इसकी कुल क्षमता दो करोड़ टन से अधिक है। कंपनी अपने पांच एकीकृत इस्पात संयंत्रों में विस्तार योजनाओं को लागू कर रही है।
पंडा ने वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन के बारे में कहा कि कंपनी का प्रदर्शन न केवल अब तक के सबसे अधिक कच्चे इस्पात, तैयार इस्पात और बिक्री योग्य इस्पात उत्पादन से चिह्नित रहा, बल्कि मूल्य सृजन पर भी मजबूत ध्यान दिया गया।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने 107 लाख टन (10.7 मिलियन टन) मूल्यवर्धित इस्पात का उत्पादन किया, जो कुल बिक्री योग्य इस्पात का 56 प्रतिशत है। यह वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक राजस्व दर्ज किया, जो 1.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है। बेहतर कोष प्रबंधन के जरिये कंपनी ने अपने कर्ज में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमी की।
भाषा
यासिर अजय
अजय

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