नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) सकरनी प्लास्टर (इंडिया) लिमिटेड पेंट और जिप्सम बोर्ड के निर्माण के लिए दो नए संयंत्र स्थापित करने के साथ ही मौजूदा संयंत्रों में क्षमता बढ़ाने के लिए अगले दो वर्षों में लगभग 450 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
दिल्ली स्थित सकरनी प्लास्टर के 12 विनिर्माण संयंत्र हैं, जिनमें से अधिकांश राजस्थान में हैं। यह कंपनी प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी), वॉल पुट्टी (सीमेंट और ऐक्रेलिक आधारित), जिप्सम बोर्ड, प्रीमियम पेंट, टाइल एडहेसिव, निर्माण रसायन, जलरोधी प्रणाली और दरार-रोधी सतह समाधान बनाती है। पिछले वित्त वर्ष में इसका कुल राजस्व 900 करोड़ रुपये था।
सकरनी प्लास्टर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अशोक गुप्ता ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम अपनी विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। हम आंध्र प्रदेश में जिप्सम बोर्ड के लिए एक संयंत्र और उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक पेंट संयंत्र स्थापित करेंगे। हम अपने मौजूदा संयंत्रों में भी क्षमताओं का विस्तार करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि पिछले साल कंपनी ने फॉस्फो जिप्सम आधारित हरित निर्माण सामग्री के निर्माण और बिक्री के लिए एक संयुक्त उद्यम बनाने को कोरोमंडल केमिकल्स लिमिटेड के साथ निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।
गुप्ता ने कहा कि संयुक्त उद्यम 150 करोड़ रुपये के निवेश से आंध्र प्रदेश में यह संयंत्र स्थापित करेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी ने पेंट निर्माण के लिए मथुरा में संयंत्र स्थापित करने को भूमि का अधिग्रहण कर लिया है।
सकरनी प्लास्टर ने मंगलवार को भारत के बढ़ते निर्माण सामग्री बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए जिप्सम प्लास्टर उत्पाद ‘सुंतारा’ पेश किया।
भाषा पाण्डेय अजय
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